गंगा चौपाल : मुंगेर में लगेगा 300 करोड़ से सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
गुरुवार को मुंगेर के उत्तरवाहिनी गंगा तट सोझीघाट में आयोजित गंगा चौपाल कार्यक्रम के तहत केंद्रीय केंद्रीय जल संसाधन व गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने नमामि गंगे परियोजना का निरीक्षण किया. निरीक्षण करने के बाद वे गंगा चौपाल कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ताजमहल की तरह गंगा को वर्ल्ड हैरिटेज बनायी जायेगी. गंगा की अविरलता व निर्मलता को बहाल करने के लिए समयबद्ध योजना चल रही है .
मुंगेर : गुरुवार को गंगा चौपाल कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा है कि वे गुरुवार को नमामि गंगे परियोजनाओं का निरीक्षण करने के बाद आमलोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं समय सीमा के हिसाब से काम कर रही हूं. हमने पिछले वर्ष जुलाई में गंगा निर्मलीकरण अभियान का पहला चरण शुरू किया और अक्तूबर, 2018 तक इसे पूरा करेंगे.
गंगे परियोजना के लिए आवंटित 20,000 करोड़ रुपये की राशि लैप्स होने वाली नहीं है. हमने अभी इस योजना पर काम शुरू ही किया है. गंगा की अविरल धारा बहाल करने में समय लगेगा.
इसमें सात से दस वर्ष तक का समय लग सकता है. हमें राज्य से पैसा नहीं चाहिए. बल्कि सही सूचना चाहिए. नदी में केमिकल व कचरा नहीं डाले जाय इसकी व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि 1600 करोड़ की राशि गांव की स्वच्छता के लिए दिया गया. निर्मल ग्राम अलग है और शौच मुक्त गांव बनाना अलग है. उन्होंने कहा कि नमामी गंगे के तहत श्मसान घाट बनना है. लेकिन श्मासान घाट बनाने के लिए करोड़ों रुपये का प्रोजेक्ट दिया जा रहा. जबकि सादगी से श्मसान घाट बनाने में सात से आठ लाख रुपये खर्च होंगे. अधजली लाश व लकड़ी गंगा में नहीं बहायी जायेगी. इसके लिए नगर आयुक्त व जिलाधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी.
कचरा का होगा ठोस प्रबंधन: उमा भारती ने कहा कि मुंगेर में 27 एमएलडी यानी मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी शोधन की क्षमता वाले सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण 300 करोड़ की लागत से कराया जायेगा. इससे दो-चार क्या पचासों नाले से गिरने वाले कचरों का शोधन किया जा सकता है. इससे मुंगेर के कचरा का ठोस प्रबंधन भी होगा और गंगा की अविरलता को भी नुकसान नहीं होगा.
