परिणाम . 18 पार्षदों को जनता ने नकारा, डिप्टी मेयर सीट बचाने में कामयाब
मुंगेर नगर निगम चुनाव में जहां 26 पुराने पार्षद अपनी कुरसी बचाने में कामयाब रहे. वहीं 18 पार्षदों को जनता ने पूरी तरह नकार दिया. इनके जगह मतदाताओं ने नये चेहरे को प्राथमिकता दी. नगर निगम के डिप्टी मेयर बेबी चंकी अपनी कुरसी बचा ली. जबकि मेयर कुमकुम देवी का मामला न्यायिक प्रक्रिया में उलझता जा रहा है. मुंगेर नगर परिषद के पूर्व में रहे उपमुख्य पार्षद मो. शहजाद ने इस बार अपनी जोरदार वापसी की है. जबकि 1978 से लगातार चुनाव में विजय प्राप्त करने का सुरेश नंदन प्रसाद सिंह ने रिकॉर्ड बनाया है.
मुंगेर : मुंगेर नगर निगम का चुनाव परिणाम इस बार कई मामलों में काफी दिलचस्प रहा है. कई पुराने दिग्गजों को जहां अपनी कुरसी गंवानी पड़ी. वहीं आधे से अधिक पार्षदों ने गिरते-पड़ते अपनी कुरसी बचा ली. नगर निगम के कुल 45 में से 42 वार्डों के लिए चुनाव कराया गया था. दो वार्ड से जहां निर्विरोध निर्वाचन के कारण मतदान नहीं हुआ था.
वहीं वार्ड संख्या 32 से चुनाव लड़ रहे मेयर को निर्वाची पदाधिकारी द्वारा निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र तो प्रदान कर दिया गया. लेकिन पटना उच्च न्यायालय ने उसे निरस्त कर दिया. साथ ही न्यायालय ने इस वार्ड में नये तिथि में चुनाव कराने का आदेश दिया है.
18 वार्डों से नये प्रत्याशी हुए विजयी : निगम चुनाव में इस बार 18 निवर्तमान वार्ड पार्षदों को जनता ने नकार दिया और उसके स्थान पर नये लोगों को विकास का मौका दिया है. वैसे इनमें कई पुराने दिग्गज भी शामिल हैं जो गत निगम चुनाव में पराजित हुए थे. लेकिन इस बार अपनी सीट की वापसी कर ली. ऐसे प्रत्याशियों में मुंगेर नगर परिषद के पूर्व उपमुख्य पार्षद मो. शहजाद, वार्ड संख्या 4 के अनीता साहु एवं वार्ड नंबर 17 के प्रकाश कुमार सिंह शामिल हैं.
जबकि जिन नये चेहरों को मतदाता ने मौका दिया है उसमें वार्ड नंबर 5 से विजय यादव, 8 से बबीता गुप्ता, 11 से किरण देवी, 14 से मो शहनवाज आलम, 15 से राधा घोष, 20 से रूबी परवीन, 24 मंजू देवी, 25 से संजय कुमार, 27 से कैलाश कुमार, 29 से नागेंद्र कुमार, 31 से सरस्वती देवी, 36 से अरूण कुमार, 43 से प्रिया शर्मा एवं 44 से अंजु देवी शामिल है.
इन पार्षदों को जनता ने नकारा:
विकास के मापदंड पर खड़ा नहीं उतरने वाले पार्षदों को जनता ने नकार दिया. जिसमें वार्ड संख्या 4 से इंदिरा देवी, 8 से रीता कुमारी, 15 से मो. जाहिद, 17 से रवीश चंद्र वर्मा, 24 से अंजु देवी, 27 से अनिल कुमार सिंह, 29 से रामानंद यादव, 43 से इंदु देवी एवं 44 से आशा देवी शामिल हैं. ये पार्षद अपने मतदाताओं को संतुष्ट नहीं कर पाये. जिसे मतदाताओं ने इन्हीं गद्दी से उतार दिया.
26 पुराने पार्षदों ने बचायी अपनी कुरसी : निगम चुनाव में यूं तो पुराने पार्षदों का ही पुन: वर्चस्व कायम हो गया. क्योंकि 44 में से 26 पार्षदों ने अपनी कुरसी बचाने में कामयाबी हासिल कर ली. या यूं कहे कि जनता ने पुराने पार्षदों को ही फिर से नगर सरकार चलाने का बागडोर सौंप दिया. इसमें रिकॉर्ड मत से चुनाव जीतने वाले वार्ड नंबर 3 के प्रत्याशी हीरो कुमार यादव के साथ ही पार्षद तूफानी राउत, नीलू सिंह, राजेश कुमार ठाकुर, सुंदरी देवी, विजय कुमार विजय, प्रसून कुमार, मुमताज नाज, विकास यादव, दिलीप कुमार दीवाना, सुजीत पोद्दार, गोविंद मंडल, सुरेश नंदन प्रसाद सिंह, बेबी चंकी, इशरत परवीन, अमृता देवी, संतोष कुमार पासवान, मीली देवी, सोनी अमजद, राखी कुमारी शर्मा, पूनम देवी, सुनील राय एवं सोनी कुमारी शामिल हैं.
न्यायिक प्रक्रिया में उलझा मेयर का वार्ड
मुंगेर नगर निगम की निवर्तमान मेयर कुमकुम देवी के वार्ड का चुनाव न्यायिक प्रक्रिया में उलझ गया है. वार्ड संख्या 32 से कुमकुम देवी चुनाव लड़ रही थी और इसी वार्ड से रूमा राज ने भी नामांकन दाखिल किया था. कुमकुम देवी के आपत्ति के बावजूद निर्वाची पदाधिकारी ने मुंगेर में रूमा राज के नामांकन पत्र को वैद्य ठहराते हुए उसे चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिया था. लेकिन इस मामले को कुमकुम देवी राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष ले गयी और निर्वाचन आयोग ने रूमा राज के नामांकन पत्र को रद्द कर दिया था. इसी बीच कुमकुम देवी ने निर्वाची पदाधिकारी से अपने निर्विरोध वार्ड पार्षद निर्वाचन का प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया.
लेकिन मामला पटना उच्च न्यायालय पहुंचा और न्यायालय ने कुमकुम देवी के प्रमाण पत्र को निरस्त करते हुए रूमा राज के नामांकन पत्र को वैद्य करार दिया और निर्वाचन आयोग को नये तिथि घोषित कर चुनाव कराने का आदेश दिया है. अब वार्ड संख्या 32 के मतदाता आयोग के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं. जबकि जानकार सूत्रों के अनुसार मेयर उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है.
