चिकित्सा सेवा भी रही ठप

चुनाव इफैक्ट. नहीं दिखे यात्री वाहन, बाजार रहा वीरान निकाय चुनाव को लेकर शहर में वाहनों का परिचालन ठप रहा. इतना ही नहीं आवश्यक सेवाअों पर भी इसका असर पड़ा. दवा की दुकानें बंद रहने से लोग परेशान हुए. मुंगेर : निकाय चुनाव का साइड इफैक्ट भी शहर में देखा गया. जिसने आम जनजीवन को […]

चुनाव इफैक्ट. नहीं दिखे यात्री वाहन, बाजार रहा वीरान

निकाय चुनाव को लेकर शहर में वाहनों का परिचालन ठप रहा. इतना ही नहीं आवश्यक सेवाअों पर भी इसका असर पड़ा. दवा की दुकानें बंद रहने से लोग परेशान हुए.
मुंगेर : निकाय चुनाव का साइड इफैक्ट भी शहर में देखा गया. जिसने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. एक ओर जहां मुंगेर बाजार पूरी तरह बंद रहा. वहीं सड़कों पर वीरानी छायी रही. दूसरी ओर वाहनों का परिचालन एवं चिकित्सा सेवा भी पूरी तरह से ठप रहा. निजी क्लिनिक, दवा की दुकानें एवं जांच घर बंद रहे. इतना ही नहीं शहर में आने वाले लोगों को नाश्ता तो दूर पान भी मिलना मुश्किल हो गया.
यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी : चुनाव के लेकर वाहनों का टोटा रहा. जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सरकारी बस स्टैंड में एक भी गाड़ी नहीं थी.
जमालपुर ट्रेकर-ट्रैक्सी स्टैंड में इक्का-दुक्का वाहन आ-जा रहा था. मात्र पांच से छह ऑटो आ-जा रहे थे. जिस पर यात्रियों की हुजूम उमड़ पड़ती थी. इतना ही नहीं कुछ यात्री गाछ के छांव में बैठ कर वाहन का इंतजार कर रहे थे. जबकि पूरे स्टैंड में वीरानी छायी रही. जमालपुर स्टेशन जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जबकि बरियारपुर और सूर्यगढ़ा मार्ग में भी वाहनों का परिचालन नहीं हुआ. इतना ही नहीं सीताकुंड-मुंगेर मार्ग में भी वाहनों का परिचालन पूरी तरह से ठप रहा. बरियारपुर जाने के लिए लखपति मंडल, विपिन कुमार पूरे परिवार के साथ वाहन स्टैंड में वाहनों का इंतजार कर रहे थे जो नाव से गंगा पार कर बरियारपुर के लिए वाहन पकड़ने यहां आये हुए थे.
चिकित्सा क्षेत्र में भी दिखा चुनाव का असर : चुनाव का बुरा असर चिकित्सा क्षेत्र पर देखा गया. एक ओर जहां 95 प्रतिशत क्लिनिक व जांच घर बंद थे. वहीं दवा की सभी दुकानें बंद थी. बेकापुर, बड़ी बाजार एवं एक नंबर ट्रैफिक के अवस्थित सभी दवा की दुकानें बंद थी. इलाज कराने आये रोगी या तो घर वापस जा रहे थे अथवा अस्पताल पहुंच रहे थे. अस्पताल के सामने दो से तीन दवा की दुकान खुली हुई थी. चुनाव के कारण रोगियों और उसके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
सड़कों पर छायी रही वीरानी : मुंगेर के सड़कों पर पुरी तरह से वीरानी छायी रही. शहर का पूरसबराय, मुर्गियाचक, गांधी चौक, दीनदयाल चौक, राजीव गांधी चौक, चौक बाजार, गुलजार पोखर, नीलम रोड़, बेकापुर, बड़ी बाजार, कौड़ा मैदान, स्टेशन रोड़, अस्पताल रोड में वीरानी छायी रही. इन मार्गों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण करने के कारण पैदल चलने में भी लोगों को परेशानी होती थी. आज यह मार्ग चौड़ी दिख रही थी. सुबह में बच्चे सड़कों को मैदान की तरह इस्तेमाल कर रहे थे और क्रिकेट खेल रहे थे.
नाश्ता के लिए भटकते रहे लोग : शहर में रविवार को न तो होटल खुले थे और न ही फुटपाथी नाश्ते व खाने की दुकान खुली थी. मुंगेर शहर में दो दर्जन से अधिक मीट चावल की दुकान संचालित होती है. लेकिन आजतक वह दुकान भी बंद थी. चाय-पान की दुकान तक बंद रही. जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. इतना ही नहीं ठंडा एवं ठंडा पानी के लिए लोगों को इधर से उधर बाजार में दौड़ लगाते देखा गया.

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