खरीफ महाअभियान
जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम दी गयी महत्वपूर्ण जानकारी
मुंगेर : कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं भी शत-प्रतिशत कार्य नहीं हो रहा है़ कार्य के दौरान कई बार चूक व कमियां भी पायी जाती है़ बावजूद तमाम परिस्थितियों के बीच कृषि कार्य से जुड़े हुए पदाधिकारी व कर्मियों की भूमिका काफी सराहनीय है़ पिछले कुछ वर्षों से बीज वितरण पर काफी जोर दिया जा रहा है़ किंतु बीज के साथ-साथ तकनीक का भी विस्तार होना बेहद जरूरी है़ तभी हम कृषक के क्षेत्र में सम्पूर्ण विकास कर सकेंगे़ ये बातें जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह ने मंगलवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित खरीफ कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि जीरो टीलेज तथा श्रीविधि जैसी अन्य विधियों द्वारा खेती किये जाने से कृषि के क्षेत्र में क्रांति आयी़
जिलाधिकारी ने कहा कि कहने को तो कृषि यंत्रों की खरीदारी करने पर किसानों को अनुदान दिया जाता है़ किंतु वाजिब किसानों को अनुदान नहीं मिल पाता है़ इस बात पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है़
जिले के नोडल पदाधिकारी वेंकटेश कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में कृषि यंत्रों के बिना खेती करना संभव नहीं होगा़ दिन प्रतिदिन मजदूरी करने वाले लोगों की संख्या घटते ही जा रही है़ जिला कृषि पदाधिकारी केके वर्मा ने कहा कि इस बार से विभिन्न कृषि यंत्रों के साथ ट्रैक्टर पर भी सामान्य कोटि वालों को 75 हजार तथा एससी, एसटी कोटि के किसानों को एक लाख का अनुदान दिया जायेगा़ किंतु ट्रैक्टर के साथ चार यंत्र टैग रहेगा, जिनमें से अनुदान प्राप्त करने के लिए दो यंत्र की खरीदारी अनिवार्य होगी़ पूर्व में ट्रैक्टरों पर से अनुदान इस कारण से समाप्त कर दिया गया था, कि लोग अपने ट्रैक्टर को ईंट भट्ठा व अन्य स्थानों पर किराये पर लगा देते हैं.
