बिहार नेत्रालय में धुंधली दृष्टि को मिली रोशनी

मुंगेर : बिहार नेत्रालय में शहर के विंदवारा निवासी विद्यापति सिंह की आंख की जटिल समस्या का सरल व सफल ऑपरेशन करके नई रोशनी दी गयी. उसने दोनों आंखों का मोतियाबिंद ऑपरेशन बाहर कराया था. जिसमें लेंस लगाया गया था. लेकिन पिछले तीन माह से उनकी दायी आंख से दिखाई नहीं दे रही थी. वह […]

मुंगेर : बिहार नेत्रालय में शहर के विंदवारा निवासी विद्यापति सिंह की आंख की जटिल समस्या का सरल व सफल ऑपरेशन करके नई रोशनी दी गयी. उसने दोनों आंखों का मोतियाबिंद ऑपरेशन बाहर कराया था. जिसमें लेंस लगाया गया था. लेकिन पिछले तीन माह से उनकी दायी आंख से दिखाई नहीं दे रही थी.

वह टोटल रिग्मेटोजिनस रेटिनल डिटैचमेंट विद प्रोलिफरेटिव विट्रोरेटिनोपैथी चेंजर से पीड़ित हो गया था. जिसे नेत्र सर्जन डॉ सुभाष वल्लभ विजेता व डॉ सुबीजॉय सिन्हा ने ऑपरेशन कर उनकी आंखों को पुन: रोशनी प्रदान की. मरीज ने पूछने पर बताया कि वह मुंगेर से बाहर जाकर दोनों आंखों में लैंस लगवाया था. लेकिन कुछ दिनों बाद ही दायी आंख से कम दिखायी देने लगा. अंधकार का भान हुआ.

नेत्र सर्जन डॉ सुबीजॉय सिन्हा एवं डॉ सुभाष बल्लभ विजेता ने लगभग दो घंटे के सर्जरी में सबसे पहले मरीज के आंख के रेटिना के छोटे-छोटे छेद को लेजर पद्धति से बंद किया. उसके बाद सिलिकॉन ऑइल से रेटिना को चिपकाया. इस पूरी प्रक्रिया को रेटिनल डिटैचमेंट के नाम से जाना जाता है. साथ ही मरीज की च्पार्स प्लेना विट्रेक्टोमीज अथवा पीपीवी (आंख के कांचाभ द्रव को निकालने की एक शल्य प्रक्रिया) की गयी.

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