सिपाही ने की थी अपने ही सहयोगी की हत्या, मिली यह सजा

मुंगेर : बिहार के मुंगेर जिले की एक अदालत ने अपने एक सहयोगी की वर्ष 1995 में हत्या के मामले में आज एक सिपाही को उम्रकैद और 25 रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. फास्टट्रैक कोर्टप्रथम के न्यायाधीश विमल सिन्हा ने पुरानी पुलिस लाइन में सिपाही के तौर पर कार्यरत वर्ष 1995 में विनय कुमार […]

मुंगेर : बिहार के मुंगेर जिले की एक अदालत ने अपने एक सहयोगी की वर्ष 1995 में हत्या के मामले में आज एक सिपाही को उम्रकैद और 25 रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. फास्टट्रैक कोर्टप्रथम के न्यायाधीश विमल सिन्हा ने पुरानी पुलिस लाइन में सिपाही के तौर पर कार्यरत वर्ष 1995 में विनय कुमार पांडेय की ड्यूटी के दौरान हत्या के मामले में सिपाही शाह मोहम्मद खान को आज आजीवन कारावास और 25 रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. न्यायाधीश ने इसी मामले में आर्म्स एक्ट के तहत खान को अन्य तीन साल के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की भी सजा सुनायी है.

पुरानी पुलिस लाइन में ही सिपाही के तौर पर कार्यरत रहे अभियुक्त खान पर 5 मई 1995 की सुबह विनय कुमार पांडेय के साथ पुरानी रंजिश को लेकर हुई बहस के दौरान अपने सरकारी राइफल से पांडेय को गोली मार दी जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गये. पांडेय को इलाज के मुंगेर सदर अस्पताल लाया गया जहां मृत्यु पूर्व बयान देने के बाद उनकी मौत हो गयी.


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