बढ़ी परेशानी. भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से निराश लौट रहे ग्राहक
एक बार फिर भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा में नोटो का टोटा हो गया है. प्रर्याप्त रूपये नहीं रहने के कारण उपभाक्ताओं को अधिकत मात्र दस हजार रुपये ही भुगतान किया जा रहा है. जिससे एसबीआइ के ग्राहक खासे परेशान और नाराज है. बदहाली यह हैं कि एसबीआइ के अधिकांश एटीएम में भी ताले लगे है.
मुंगेर : लोग मेहनत- मजदूरी कर अपने रुपये को बैंकों में इस उद्देश्य से रखते हैं कि जब उसे जरूरत पड़ेगी तो वह अपने रुपये बैंक से निकाल कर आवश्यक काम का निपटारा कर सके़ किंतु ऐसी सोच रखने वालों को इन दिनों बैंक निराश कर रहा हैं. शनिवार को एसबीआइ मुख्य शाखा में रुपया निकालने के लिए दर्जनों उपभोक्ता परेशान थे. लेकिन एक ग्राहक व एक खाते से मात्र दस हजार की निकासी हो पा रही थी. राजद नेता जफर अहमद ने बताया कि उसने अपने खाते से 25 हजार रुपये निकालने के लिए निकासी फार्म जमा किया. लेकिन बैंक के काउंटर पर कहा गया कि दस हजार से अधिक की राशि का भुगतान नहीं किया जायेगा.
मुख्य प्रबंधक विनोद कुमार मिश्रा ने स्वीकार किया कि बैंक में राशि की कमी है. इसलिए एक ग्राहक को एक खाते पर दस हजार से अधिक का भुगतान नहीं किया जा सकता. यदि शादी या अन्य कारणों से अधिक राशि दिया जायेगा तो सभी ग्राहक को रूपया देना संभव नहीं हो पायेगा.
बेटी की शादी के लिए दो लाख की जरूरत, पर मिला दस हजार
शहर के चौक बाजार निवासी प्रभात कुमार शर्मा ने कहा कि वे पिछले दो दिनों से रूपये निकालने के लिए परेशान है. काउंटर से मात्र दस हजार रुपये ही निकल पा रही है. जबकि उन्हें 25 हजार की जरूरत है. मोगलबाजार निवासी शंकर प्रसाद ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी के शादी के लिए दो लाख रुपये की जरूरत है़ किंतु बैंक में प्रतिदिन सिर्फ 10 हजार रुपये ही मिल रहे हैं. जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है़ समय पर रुपये की व्यवस्था नहीं हुई तो शादी की तैयारी करना काफी मुश्किल होगा़
इधर शहर के गुलजार पोखर निवासी निजामुद्दीन ने कहा कि उन्हें आवश्यक कार्य के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत है़ किंतु बैंक में उन्हें सिर्फ 10 हजार रुपये उपलब्ध कराये गये. शहर के शादीपुर निवासी कृष्ण चंद्र गुप्ता ने बताया कि उनकी पत्नी पटना के एक निजी अस्पताल में भरती है़ उसके इलाज के लिए 35 हजार रुपये की जरूरत है़ किंतु अपने ही खाते से रुपये निकालने के लिए वे परेशान हैं. आज सिर्फ 10 हजार रुपये का ही भुगतान किया गया.
