स्वच्छ भारत मिशन की प्रखंड में निकल रही हवा
मुंगेर : एक ओर जहां शहर से लेकर गांव तक को स्वच्छ बनाने एवं खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है. जिसको लेकर पूरा प्रशासनिक महकमा के साथ ही शहर में वार्ड पार्षद तो गांव में पंचायत प्रतिनिधियों को लगाया गया है. वहीं सदर प्रखंड मुंगेर में स्वच्छ […]
मुंगेर : एक ओर जहां शहर से लेकर गांव तक को स्वच्छ बनाने एवं खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है. जिसको लेकर पूरा प्रशासनिक महकमा के साथ ही शहर में वार्ड पार्षद तो गांव में पंचायत प्रतिनिधियों को लगाया गया है. वहीं सदर प्रखंड मुंगेर में स्वच्छ भारत मिशन की हवा निकल रही है.
सदर प्रखंड के मिर्जापुर बरदह एवं कटरिया पंचायत होकर मुंगेर-सीताकुंड मुख्य मार्ग गयी है. नाला भी बना हुआ है. लेकिन हकीकत है कि नाला तो नाम का है पानी सड़कों पर बहती है. कल्याणचक से एसबीआइ बरदह ब्रांच तक सड़कों को ही नाला बना दिया गया है. बैंक घुसने से पहले पानी भरे रोड को लोगों को पार करना पड़ता है. इस होकर जब लोग गुजरते है तो स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत दिखती है कि आखिर यह योजना कहां चल रही है. हर राहगीर और ग्रामीण परेशान है. लेकिन निदान की दिशा में कोई कार्य नहीं कर रहा.
मिर्जापुर बरहद पंचायत में नई मसजिद, मुशहरी होते हुए एक पीसीसी सड़क बना हुआ है जो मुख्य सड़क से जुड़ती है. इस पंचायत की एक बड़ी आबादी इस मार्ग का प्रयोग करते हैं. लेकिन मुख्य सड़क से 50 गज तक कचरों और पानी के कारण नारकीय स्थति उत्पन्न हो गयी है. लोग बिना वाहन के इस मार्ग का उपयोग नहीं करते. कीचड़ और गंदगी से बदबू आती है. जबकि इसी मार्ग में बने नाले को कुछ लोग शौच के लिए इस्तेमाल करते हैं. सड़क प्रवेश करने से पहले कई वार सोचते हैं. जबकि कुछ लोग तो मार्ग ही बदल लेते है. लेकिन आज तक निदान नहीं निकल पाया है.
मिर्जापुर बरदह पंचायत के मुशहरी के लोग एवं कटरिया पंचायत के कुछ लोग इस मुख्य सड़क को डंपिंग यार्ड के रूप में इस्तेमाल करते हैं. जबकि बरदह गांव की बड़ी आबादी का घर पहुंचने का यह सड़क प्रमुख है. कचरा और पानी के साथ रहने से जो स्थति उत्पन्न होती है. उससे बड़ी आबादी काफी आक्रोशित है. जिसके कारण तनाव की स्थिति यहां बनी रहती है जो कभी भी दो समुदाय के बीच बड़े विवाद का कारण बन सकती है.
बरदह गांव के अधिवक्ता मो. जहांगीर, मो. फिरोज, मो. शेहर उद्दीन, मो. इरशाद आलम ने बताया कि इस मार्ग होकर गुरजने में काफी फजीहत होती है. कई बार हमलोग यहां से कूड़ा को साफ कराया. लेकिन लोग यहां गंदगी फैलाने से परहेज नहीं कर रहे हैं. डीएम से लेकर बीडीओ तक को आवेदन दिया गया. लेकिन कोई ठोस पहल आज तक नहीं किया गया. क्या स्वच्छ भारत अभियान का यह हिस्सा नहीं है. उनलोगों ने कहा कि अगर इस गंदगी का निदान नहीं निकला तो लोग आंदोलन करने को बाध्य हो जायेंगे.
कहते हैं बीडीओ
बीडीओ डॉ पंकज कुमार ने कहा कि इस समस्या के निदान के लिए एक समिति बनायी गयी है. वार्ड सदस्य एवं विकास मित्र के साथ ही स्थानीय कुछ लोगों को इसमें शामिल किया गया है जो गंदगी फैलाने वालों पर नजर रखेगी. अगर बात नहीं मानेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.