पुलिस की पहल बीआर महिला कॉलेज से प्रशिक्षण की शुरुआत करेगी मुंगेर पुलिस
जिले की छात्राअों को खुद की सुरक्षा करने में दक्ष बनाने की मुहिम पुलिस ने शुरू की है. कॉलेजों में इसे लेकर प्रशिक्षण दिया जायेगा. बीआर महिला कॉलेज से प्रशिक्षण की शुरुआत की जायेगी.
मुंगेर : जिले की छात्राअों को खुद की सुरक्षा करने में दक्ष बनाने की मुहिम पुलिस ने शुरू की है. कॉलेजों में इसे लेकर प्रशिक्षण दिया जायेगा. बीआर महिला कॉलेज से प्रशिक्षण की शुरुआत की जायेगी.
राह चलते छात्राओं को मनचलों का सामना रोज करना पड़ता है. मनचलों के सीटी, अश्लील इशारा और छेड़खानी से लड़कियां रोज दो-चार होती है. लेकिन वे कुछ नहीं कर पातीं. इन छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग के तहत मुंगेर पुलिस ने एक सराहनीय पहल प्रारंभ करने का निर्णय लिया है. जिसके तहत छात्राओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसका शुभारंभ मुंगेर के बीआर महिला महाविद्यालय से होगा.
शांता सुमन को मिली जिम्मेवारी : कोतवाली थाना में तैनात अवर निरीक्षक शांता सुमन को कॉलेज की लड़कियों को सेल्फ डिफेंस के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. जो खुद लड़कियों को सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षण देगी. अगर लड़कियों को कोई पिस्तौल सटा देता है अथवा गला पकड़ रहा हो तो कैसे उससे बचा जाये. डेमो के माध्यम से लड़कियों को जानकारी दी जायेगी. शांता सुमन ने बताया कि एक कॉलेज में सात दिनों तक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जायेगा.
ब्लैक बेल्ट नृपेंद्र करेंगे प्रशिक्षित : ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट नृपेंद्र कुमार को लड़कियों को प्रशिक्षण देने के लिए जिम्मेदारी दी गयी है. जो कॉलेज में आयोजित शिविर में लड़कियों को खुद की सुरक्षा कैसे करें उस तकनीक की जानकारी देंगे. ताकि अकेली लड़की गुंडों एवं मनचलों से खुद की सुरक्षा करने में आत्मनिर्भर हो सके.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक : पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने कहा कि लगातार छेड़खानी की शिकायत मिल रही थी. पुलिस द्वारा कार्रवाई भी जाती है. लेकिन मेरा मानना है कि जब लड़कियां खुद सेल्फ डिफेंस करने में सक्षम हो जायेगी तो वे खुद अपनी सुरक्षा कर सकती है. इसलिए मुंगेर पुलिस ने प्रशिक्षण व्यवस्था की है. जिसके तहत कॉलेज व हाई स्कूल के लड़कियों को प्रशिक्षित किया जायेगा.
क्या है योजना : मनचलों के कारण छात्राओं को मानसिक तौर पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पुलिस लगातार मनचलों पर कार्रवाई करती है. लेकिन लड़कियों को अपने मुहल्ले एवं बाजार करने के दौरान भी गुंडों एवं मनचलों का शिकार होना पड़ता है. राह चलते या फिर अकेले, एकांत में गुंडों तथा शरारती तत्वों से स्कूलों की लड़किया अब खुद निपटेंगी. इसके लिए इन बेटियों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जायेगा. सामुदायिक पुलिसिंग के तहत प्रथम चरण में कॉलेज में कैंप लगाकर छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जायेगा. ताकि बेटियां अपनी सुरक्षा खुद कर सकें.
