5 जनवरी को पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक पहली बार करेंगे मुंगेर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण
मुंगेर : पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक आगामी 5 जनवरी को पहली बार मुंगेर रेलवे स्टेशन आयेंगे. उनके आगमन को लेकर रेल प्रशासन ने तैयारी जोरशोर से प्रारंभ कर दी है. बदहाल स्टेशन को पटरी पर लाने के लिए कंस्ट्रक्शन विभाग के साथ ही अन्य ट्रैफिक सिस्टम को ठीक किया जा रहा है. क्योंकि इस स्टेशन में न तो यात्रियों के लिए पेयजल की सुविधा है और न ही शौचालय की. पूर्व से यहां के वीआइपी कक्ष व महिला वेटिंग रूम पर अवैध कब्जा था. जिसे अब खाली किया गया है. इतना ही नहीं स्टेशन परिसर में ट्रेन का समय सारणी व रेट चार्ट भी नहीं लगाया गया है.
वीआइपी व महिला रूम को कराया गया खाली : स्टेशन परिसर में वीआइपी एवं महिलाओं के लिए बनाये गये वेटिंग रूम को महीनों से अनाधिकृत कर कब्जा कर रखा गया था. जिसे खाली कर दिया गया है. ताकि वीआइपी रूम एवं महिलाओं को ट्रेन के इंतजार के लिए कमरे की सुविधा मुहैया हो सके. पूर्व में इस रूम में ठेकेदार व एजेंसी द्वारा समान रख कर इसे अनाधिकृत रूप से स्टोर रूम बना दिया गया था. लेकिन जीएम के आने की सूचना से आनन-फानन में उसे खाली कर दिया गया.
जीएम के आगमन पर अधिकारी कर रहे दौरा : मुंगेर रेलवे स्टेशन पर जीएम के निरीक्षण की खबर से जमालपुर के आलाधिकारियों में हड़कंप मच गया है. इसे लेकर गत 21 दिसंबर को सहायक अभियंता (लाइन) हेमंत कुमार एवं 28 दिसंबर को सहायक अभियांत लाइन (कंस्ट्रक्शन) उज्जवल कुमार ने मुंगेर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिया. उनके दिशा-निर्देश के आलोक में रेलवे ट्रैक की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है. ताकि जीएम के आगमन पर व्यवस्था चाक चौबंद दिखे.
गुणवत्ता का दिख रहा अभाव : त्रिमूर्ति बालाजी कंस्ट्रक्शन द्वारा स्टेशन परिसर में कंस्ट्रक्शन संबंधी कार्य किया जा रहा है. कार्य में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है और प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर लगाये टाइल्स कई जगह धंस गये हैं तो कई जगह उखड़ने लगे हैं. इतना ही नहीं बाउंड्री वाल एवं प्लेटफॉर्म पर पानी की निकासी के लिए बनाये गये नाले टूट-फूट चुके हैं और बाउंड्री वाल में दरारें आ चुकी है. इससे साफ स्पष्ट होता है कि किस प्रकार कार्य में लापरवाही बरती जा रही है. विदित हो कि स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बाउंड्री वाल का निर्माण दो माह पूर्व ही किया गया है.
कहते हैं स्टेशन प्रबंधक
स्टेशन प्रबंधक आदित्य कुमार साह का कहना है कि मुंगेर स्टेशन अभी अंडर कंस्ट्रक्शन है. जिसके कारण सफाई का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एजेंसी का होता है. वैसे रेलवे के वरीय अधिकारियों को सूचना दे दी गयी है. जल्द ही स्टेशन पर सफाइकर्मियों की तैनाती कर दी जायेगी.
पूर्व रेलवे के जीएम कल करें निरीक्षण
रैंप का चल रहा काम
मुंगेर स्टेशन में अकसर यह देखा गया है कि जब भी रेलवे के वरीय अधिकारियों का आगमन होता है तो एजेंसी द्वारा कंस्ट्रक्शन के काम को युद्ध स्तर पर किया जाता है. अन्यथा आधे दर्जन मजदूर व मिस्त्री द्वारा स्टेशन पर निर्माण कार्य को अंजाम दिया जाता है. 5 जनवरी को पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्याम सिंह पहली बार मुंगेर स्टेशन का अवलोकन करेंगे. इसे लेकर प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर टेराजू एवं टाइल्स लगाने का कार्य जोरशोर से चल रहा है. स्टेशन के अंडरग्राउंड प्लेटफॉर्म के रास्ते दो पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए लोहे का बेरिकेटिंग लगाया जा रहा है. इतना ही नहीं स्टेशन से उतरने के लिए सीढ़ी का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया है. वहीं बरसात के दिनों में स्टेशन से सटे मिट्टी का कटाव नहीं हो उसे रोकने के लिए ईंट सोलिंग कर ढलैया किया जा रहा है. स्टेशन प्रबंधक के चैंबर में भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से एलमुनियिम का जालीदार ग्रिल लगाया जा रहा है. स्टेशन परिसर में जीएम को दिखाने के लिए रैंप का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. ताकि जीएम को यह बताया जा सके कि रैंप निर्माणाधीन है.
शौचालय व पेयजल की स्थिति बदहाल
मुंगेर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के परिचालन हुए लगभग नौ माह हो गये. बावजूद स्टेशन पर शौचालय व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा यात्रियों को नहीं मिल पा रही है. प्लेटफॉर्म संख्या 1 एवं 2 पर शौचालय तो बना है लेकिन उसमें पानी का कनेक्शन नहीं होने के कारण उसका उपयोग नहीं हो रहा. बावजूद शौचाल में शौच कर उसे गंदा कर दिया गया. यही हाल पेयजल की है. पेयजल के लिए लगाये गये स्टैंड पोस्ट में मात्र दो टोटी लगा है. उससे भी पानी नहीं निकलता है. उसे तभी चालू किया जाता है जब एजेंसी द्वारा कंस्ट्रक्शन का काम किया जाता है. जिसके कारण यात्रियों को पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही.
गंदगी से पटा प्लेटफॉर्म
गंदगी का आलम यह है कि मानो पिछले छह माह से झाड़ू नहीं लगाया गया हो. स्टेशन के अंडर ब्रिज के रास्ते एवं सीढ़ी के रास्ते में इस कदर गंदगी फैली है कि दो-तीन इंच धूल का परत जमा है. बताया जाता है कि इस स्टेशन पर सफाई के लिए एक भी कर्मी की तैनाती नहीं किया गया है. रेल प्रशासन का मानना है कि स्टेशन पर कंस्ट्रक्शन का कार्य चल रहा है और सफाई की भी जिम्मेवारी कंस्ट्रक्शन विभाग की होती है. लेकिन मुंगेर स्टेशन में ऐसा नहीं हो रहा है.
