खुशखबरी. मरीजों को पटना व भागलपुर का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
मरीजों को अब आइसीयू सेवा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. आइसीयू को नशामुक्ति केंद्र के नवनिर्मित महिला सेल में शिफ्ट किया जायेगा, जो चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के काफी अनुकूल होगा़
मुंगेर : हर नयी सुबह में रोशनी की नयी किरणें निकलती हैं, जिससे पूरा जहान रोशन होता है़ इसी तरह नये साल में स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ने की भी संभावना है़ं इससे जिले भर के मरीजों को कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा सदर अस्पताल में ही मिल सकेगी. इसके लिए आइसीयू सेवा को चालू करने की लगभग तैयारियां पूरी कर ली गयी है़ इसके साथ ही वातानुकूलित पोस्टमार्टम हाउस व जीएनएम स्कूल को भी नये साल में ही चालू करने की कवायद है ताकि परेशानी न हो.
आइसीयू सेवा से मिलेगा लाभ :
यूं तो सदर अस्पताल में अबतक दो बार आइसीयू सेवा को चालू किया जा चुका है, पर तकनीकी असुविधाओं के कारण जिले के एक भी मरीज को इसकी सेवा नहीं मिल पायी़, हालांकि इस बार आइसीयू को नशामुक्ति केंद्र के नवनिर्मित महिला सेल में शिफ्ट किया जायेगा, जो चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के काफी अनुकूल होगा़ अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ठेकेदार द्वारा इस भवन को सदर अस्पताल के हवाले कर दिया गया है़ अब जल्द ही सारे यंत्रों को स्थापित कर सेवा आरंभ की जायेगी़ उन्होंने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा यह निर्देश मिला हुआ है कि नशामुक्ति केंद्र के वार्डों का अन्य चिकित्सकीय सेवाओं में भी उपयोग हो सकता है़
पोस्टमार्टम हाउस में मिलेगी बेहतर सुविधा
केंद्रीय दवा भंडार के समीप नवनिर्मित अत्याधुनिक पोस्टमार्टम हाउस बन कर पूरी तरह तैयार हो चुका है़ अस्पताल प्रबंधन द्वारा जांच की प्रक्रिया चल रही है. इसके बाद जल्द ही इसमें सेवा आरंभ कर दी जायेगी़ नया पोस्टमार्टम हाउस पूरी तरह वातानुकूलित होगा़ इसमें शव के पोस्टमार्टम करने से लेकर इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखे जाने की पूरी व्यवस्था दी गयी है़ यहां पर चिकित्सक, पोस्टमास्टर, सुरक्षा गार्ड तथा अन्य कर्मियों के रहने की व्यवस्थाओं के अलावे अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी ख्याल रखा गया है़ अस्पताल उपाधीक्षक के अनुसार जनवरी माह में ही नये पोस्टमार्टम हाउस को चालू कर दिया जायेगा़
जल्द चालू होगा जीएनएम स्कूल
स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की अब कमी नहीं रहेगी़ जल्द ही हाजी सुभान के समीप जीएनएम स्कूल का निर्माणाधीन भवन बन कर पूरी तरह तैयार हो जायेगा़ इसके बाद यहां पर नर्सों, ओटी असिस्टेंट, ड्रेसर सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा़ इससे सदर अस्पताल तथा अनुमंडलीय अस्पतालों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की कमी नहीं होगी.
