आयोजन. नववर्ष समारोह के अवसर पर बिहार योग विद्यालय में जुटे देश-विदेश के लोग
स्वामी निरंजनानंद ने कहा कि नया साल संकल्प लेने का है. आज के दिन हम जीवन में सकारात्मकता और सुरक्षा का संकल्प लें. यही संकल्प हमारी नकारात्मक वृत्तियों को नष्ट करेगी तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा.
मुंगेर : बिहार योग विद्यालय में रविवार को हवन-यज्ञ के साथ नववर्ष समारोह प्रारंभ हुआ. इनमें एक ओर देश-विदेश के संन्यासियों ने सुंदरकांड का पाठ किया, वहीं दूसरी ओर बाल योग मित्र मंडली के बच्चों ने हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ किया. इस मौके पर बिहार योग विद्यालय के परमाचार्य परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने योगप्रेमियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि सत्य व धर्म की राह पर चलते हुए हम सभी अपने कर्तव्य का पालन करें, जिससे जीवन निरापद व सार्थक होगा.
स्वामी जी के संबोधन के बाद हनुमान चालीसा का पाठ आरंभ हुआ. बाल योग मित्र मंडल के बच्चे जहां मंत्रों का पाठ कर रहे थे. वहीं उनके साथ उपस्थित जन समुदाय उन मंत्रों को दुहरा रहा था. जिसके कारण पूरा वातावरण आध्यात्मिक मंत्रों से गुंजायमान रहा. नववर्ष के मौके पर लोगों ने आश्रम में दीक्षा भी ली. स्वामी जी ने इस मौके पर तमाम लोगों से घूम-घूम कर मिले और उन्हें नये साल की शुभकामनाएं दी. इन्हीं शुभकामनाओं के बीच बाल योग मित्र मंडल के बच्चों के बीच उपहार भी बांटे. पंक्तिबद्ध बच्चे आश्रम के अनुशासन को व्यक्त कर रहे थे. इस अनुष्ठान में वरिष्ठ संन्यासी स्वामी शंकरानंद, स्वामी ज्ञानभिक्षु, स्वामी त्यागराज, स्वामी केवल्यानंद के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, बुलगारिया, यूरोप, अमेरिका, भूटान, नेपाल सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की. आश्रम में स्थापित सत्यम वाटिका भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा. यहां आये लोगों ने उसका परिभ्रमण किया और स्वामी शिवानंद से लेकर वर्तमान तक के सफर को इस वाटिका में बड़े ही सुंदर ढंग से चित्रित किया गया है उसे देखा. इसे देख कर लोग अभिभूत हो उठे. सुबह से यह सिलसिला जारी हुआ जो देर शाम तक चलता रहा.
बताया गया आत्मिक शांति का मार्ग
इस अवसर पर यज्ञपीठ में परमहंस शिवानंद व सत्यानंद सरस्वती की आदमकद प्रतिमा के समक्ष हुए हवन यज्ञ के बाद परमहंस स्वामी सत्यानंद जी का एक ऑडियो सुनाया गया. इसमें उन्होंने लोगों को आत्मिक शांति का मार्ग बताया गया है. इसमें मन को एकाग्र करने का संदेश भी है. अपने संबोधन में स्वामी निरंजनानंद ने कहा कि नया साल संकल्प लेने का है. आज के दिन हम जीवन में सकारात्मकता और सुरक्षा का संकल्प लें. यही संकल्प हमारी नकारात्मक वृत्तियों को नष्ट करेगी तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. इस सकारात्मक ऊर्जा के संचार से हम अपने भविष्य को बेहतर कर सकते हैं.
