कोर्ट परिसर में थी समर्थकों की भीड़ सुनवाई . पत्नी को थी रिहाई की उम्मीद

पूर्व विधायक रणवीर यादव के मामले में फैसला आने की सूचना से कोर्ट परिसर में समर्थकों की भीड़ जुटी थी. हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद समर्थक निराश हो गये. मंडल कारा तक रणवीर अपने समर्थकों के साथ पैदल ही गये. मुंगेर/खगड़िया : चचेरे भाई की हत्या के मामले में आरोपी खगड़िया के पूर्व विधायक […]

पूर्व विधायक रणवीर यादव के मामले में फैसला आने की सूचना से कोर्ट परिसर में समर्थकों की भीड़ जुटी थी. हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद समर्थक निराश हो गये. मंडल कारा तक रणवीर अपने समर्थकों के साथ पैदल ही गये.

मुंगेर/खगड़िया : चचेरे भाई की हत्या के मामले में आरोपी खगड़िया के पूर्व विधायक रणवीर यादव को दोषी करार देने के बाद समर्थकों में उदासी छा गयी. विधायक पत्नी पूनम देवी व कृष्णा को उम्मीद थी कि उसके पति इस मामले में रिहा होंगे. लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर रणवीर यादव को हत्या के मामले में दोषी करार दे दिया. न्यायालय परिसर में रणवीर के समर्थक सहित उसकी पत्नी व बच्चे भी मौजूद थे.
मुंगेर के अपर सत्र न्यायाधीश पीसी चौधरी का न्यायालय इस कांड के सुनवाई के दौरान खचाखच भरा था. बचाव पक्ष के अधिवक्ता बहस के दौरान रणवीर यादव को रिहा करने का अनुरोध न्यायालय से करते रहे. जबकि अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक प्रीतम कुमार वैश्य ने न्यायालय को रणवीर यादव के पूर्व से लेकर अबतक के आपराधिक इतिहास को बताते हुए इस मामले में सजा का अनुरोध किया.
दोनों पक्षों के बयान सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने रणवीर यादव को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया और वे न्यायालय से उठ कर अपने कक्ष में चले गये. काफी देर तक रणवीर यादव न्यायालय में ही खड़ा रहा. जिसे बाद में पुलिस ने हिरासत में लेते हुए मंडलकारा पहुंचाया. इस दौरान उसकी पत्नी पूनम देवी सहित बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे जो मंडल कारा के मुख्य द्वार तक उन्हें पहुंचाया. न्यायालय से लेकर मंडल कारा तक अपने समर्थक व परिजनों के साथ रणवीर यादव पैदल ही गये.
फैसले के बाद कोर्ट परिसर में शुभचिंतकों से बात करते पूर्व विधायक रणवीर यादव.
साजिश के तहत फंसाया : रणवीर
हत्या के मामले में दोषी करार हुए पूर्व विधायक रणवीर यादव ने कहा कि इस मामले में वे पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया गया है. सियासत के कारण उसे घसीटा जा रहा है. ताकि मैं विधायक व सांसद नहीं बन सकूं. उन्होंने कहा कि यदि मैं अपने चचेरा भाई का हत्यारा होता तो 11 माह बाद भी खगड़िया की जनता मुझे विधायक नहीं चुनती. लेकिन न्यायालय पर मेरा पूरा भरोसा है और न्यायाधीश धरती के भगवान होते हैं और उनका फैसला मुझे स्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पटना हाई कोर्ट से मैं निर्दोष साबित होउंगा.
उच्च न्यायालय में करेंगे अपील : पूनम
इधर सदर विधायक पूनम देवी यादव ने बताया कि हम सपरिवार न्यायालय का सम्मान करते आये हैं. उन्होंने कहा कि मुंगेर न्यायालय द्वारा आगामी तीन जनवरी को सजा सुनायी जायेगी. इसके बाद उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.
सुनील ने दिया था बयान : अरुण यादव
मृतक के भाई जदयू नेता अरुण यादव ने बताया कि 12 दिसंबर 1988 को उनके भाई को गोली मार दी गयी. इलाज के क्रम में सुनील ने सदर अस्पताल में पुलिस पदाधिकारी एवं दंडाधिकारी के समक्ष बयान दिया था. चौथम थाना में मदन यादव के आवेदन पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था.

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