बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा की राशि दिलाने के नाम अवैध वसूली
मुंगेर : पिछले दिनों आयी विनाशकारी बाढ़ ने जहां हजारों परिवारों को घर से बेघर कर दिया, वहीं हजारों एकड़ में लगी लहलहाती फसलों को भी लील लिया़ बाढ़ पीड़ितों को इसकी क्षतिपूर्ति का मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए अब प्रभावित इलाकों में सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया गया है़
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवारों से सूची में नाम दर्ज करवाने के नाम पर अवैध रूप से एक- एक हजार रुपये वसूली जा रही है़ जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा राजस्व कर्मचारियों के भी मिलीभगत है़
एक-एक हजार रुपये की हो रही वसूली: बाढ़ प्रभावित गांव में राजस्व कर्मचारियों द्वारा पीड़ित परिवारों के सर्वे का काम चल रहा है़ किंतु सर्वे की सूची में वैसे लोगों का भी नाम शामिल किया जा रहा है, जो गैर बाढ़ पीड़ित परिवार हैं. इतना ही कई ऐसे परिवार भी हैं, जो दो अलग- अलग स्थानों से पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे को लेने के फिराक में हैं.
सर्वे सूची में नाम दिलवाने के लिए प्रत्येक परिवार से एक- एक हजार रुपये की अवैध वसूली भी की जा रही है़ पीड़ितों को साफ शब्दों में यह बताया जा रहा है कि उनसे एक एक हजार रुपये लिये जायेंगे, तभी उन्हें मुआवजा के तौर पर 6 हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा़
एक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज: शुक्रवार को सदर अंचलाधिकारी भूनेश्वर यादव को महुली पंचायत के आदर्श ग्राम टीकारामपुर निवासी चुनचुन महतो के पुत्र दिलीप कुमार ने फोन पर यह सूचना दिया कि उसके गांव में पीड़ित परिवारों का नाम सूची में दर्ज करने के लिए एक- एक हजार रुपये लिये जा रहे हैं.
सूचना मिलने के बाद अंचलाधिकारी आदर्श ग्राम टीकारामपुर पहुंचे तथा उक्त युवक को बुलाया़ अंचलाधिकारी ने बताया कि वहां पर युवक फोन पर दी गयी सूचना से मुकर गया तथा तीन- चार परिवारों का नाम और जोड़ देने की बात कहने लगा़ जिस पर उन्होंने झूठी खबर देने के आरोप में दिलीप कुमार के विरुद्ध मुफस्सिल थाना में लिखित शिकायत किया है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही.
