सदर अस्पताल. चिकित्सकों-कर्मियों की अब भी होती है रजिस्टर पर उपस्थिति
सदर अस्पताल में लगी बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीन बेकार पड़ी हुई है. अधिकांश चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ इसका उपयोग नहीं करते हैं.
मुंगेर : सदर अस्पताल में शायद एक प्रथा चल पड़ी है कि कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के नाम पर महंगे-महंगे सामग्रियों की खरीदारी तो की जाती है़ किंतु अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के कारण उसका उपयोगिता सीफर रह जाती है़ उदाहरण के तौर पर आइसीयू, एसएनसीयू, इमरजेंसी वार्ड, नशा मुक्ति केंद्र व उपकरण शामिल हैं. उनमें से एक बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीन भी है़ जिसे चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के मनमाने रवैये पर लगाम लगाने के लिए स्थापित तो किया गया़ किंतु इन दिनों यह मशीन महज एक शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है़
अधिकांश चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ नहीं करते मशीन का उपयोग : अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में लगाया गया बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन इन दिनों शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है़ कुछ चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी इसका उपयोग मनोरंजन के लिए भी कर लेते हैं. किंतु अधिकांश चिकित्सक तथा मेडिकल स्टाफ इस मशीन का उपयोग नहीं के बराबर करते हैं. जबकि बायोमेट्रिक मशीन को अस्पताल प्रबंधन ने इस उद्देश्य से लगाया कि ड्यूटी के दौरान लेट-लतीफे करने वाले चिकित्सकों पर लगाम लग सकेगी़ किंतु ऐसा नहीं हुआ और आज भी चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ अपने मनमाने तरीके से ड्यूटी पहुंच रहे.
