सदर अस्पताल में इन दिनों रोगियों की सुविधा को घटा कर अधिकारी अपनी सुविधाएं बढ़ाने में लगे हैं. यहां मरीजों के नाम पर भले ही लाखों खर्च किया जाता, किंतु बाद में उसका लाभ स्वास्थ्य अधिकारी अपने अनुरूप करते हैं.
मुंगेर : सदर अस्पताल में बने पेईंग वार्ड, विशेषज्ञ चिकित्सक वाह्य कक्ष तथा नशा मुक्ति केंद्र में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है़ हाल यह है कि जहां रोगी को रहना चाहिए वहां चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी आराम फरमाते हैं.
पेईंग वार्ड में चलता है पांच कार्यालय
अस्पताल परिसर में दो तल्ले पेईंग वार्ड का निर्माण कराया गया था़ इस वार्ड में वैसे मरीजों को भरती किया जाता था, जो अन्य मरीजों के साथ नहीं रह कर अलग कमरे में रहना चाहते थे़ इसके लिए मरीज से 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क भी लिया जाता था़, किंतु 10 वर्ष पूर्व अस्पताल प्रबंधन ने पेईंग वार्ड के भवन को जर्जर बता कर मरीजों को इसमें भरती करना बंद कर दिया़ लाखों खर्च कर इस भवन का जीर्णोद्धार तो किया गया.
किंतु इसका उपयोग रोगी के लिए नहीं बल्कि प्रशासनिक स्तर पर होने लगा. वर्तमान समय में इसी भवन में अस्पताल प्रबंधन कार्यालय को शिफ्ट कर दिया गया है़ इसके अलावे युवा क्लिनिक, जांच घर, जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग तथा जिला खाद्य निरीक्षक कार्यालय का संचालन किया जा रहा है़
