रंगदारी नहीं देनेवालों पर अपराधी करते हैं हमला पुलिस मौन
मुंगेर : हवेली खड़गपुर अनुमंडल में एक बार फिर से अपराधी अपना फन उठाने लगे हैं. ठेकेदार एवं व्यवसायियों से रंगदारी की मांग कर रहे हैं. नहीं देने पर निर्माण स्थल एवं प्रतिष्ठानों पर बमबारी व गोलीबारी करते हैं. प्राथमिकी दर्ज कराने में भी पीड़ितों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
लेकिन पुलिस अपराधियों के फन कुचलने के बजाय चुपचाप बैठी है.खड़गपुर अनुमंडल में नक्सली एवं अपराधियों के लिए सबसे बेहतर धंधा रंगदारी व लेबी वसूलना है. यह धंधा पूर्व से ही यहां संचालित होता रहा है. दर्जनों अपराधी ऐसे हैं जो इस धंधे से अकूत संपत्ति अर्जित कर रखा है. दर्जनों व्यवसासियों व शिक्षकों से महीनवारी राशि वसूल की जा रही है. नहीं देने वालों का अपराधी या तो अपहरण कर राशि की वसूली करती है अथवा गोलीबारी व बमबारी कर दहशत पैदा कर राशि देने को मजबूर करते हैं. हाल के दिनों में तीन रंगदारी के मामले सामने आये हैं. जिसका पुलिस खुलासा तक नहीं कर पायी है.
इनसे मांगी गयी रंगदारी
20 मई की रात अपराधियों ने चानकेन व रतनी डैम निर्माण स्थल पर उत्पात मचाया और मजदूरों के साथ मारपीट की. एक हाइवा वाहन भी लेकर चले गये. अपराधियों ने निर्माण एजेंसी से पांच लाख रुपये रंगदारी की मांग की. जबकि 17 जून की रात अपराधियों ने शामपुर सहायक थाना क्षेत्र के लोहची बाजार निवासी आटा चक्की संचालक छेदी चौधरी से एक लाख रुपये रंगदारी की मांग की.
नहीं दिया तो अपराधियों ने उसके प्रतिष्ठान पर बमबारी की. इतना ही नहीं 18 जून की दोपहर शामपुर सहायक थाना क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण स्थल सठबिग्गी के समीप अपराधियों ने निर्माण एजेंसी के मुंशी के साथ मारपीट किया और गोलीबारी की.
अपराधियों ने कुछ दिन पूर्व निर्माण एजेंसी के ठेकेदार से एक लाख रुपये रंगदारी की मांग की थी. नहीं देने पर घटना को अंजाम दिया. ये तीन मामले थाने में दर्ज हुआ तो लोगों को जानकारी मिली. ऐसे भी कई मामले हैं जिसमें रंगदारी वसूल की गयी है.
खड़गपुर : अनुमंडल जिले का एक ऐसा क्षेत्र है जहां रंगदारी व लेबी का धंधा जोरों पर है. पिछले दिनों भागलपुर जिले के सुलतानगंज निवासी सुबोध साह जो खड़गपुर में प्रधानाध्यापक थे. उसका अपहरण कर राशि की वसूली की गयी थी. धपरी स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक का अपराधियों ने अपहरण कर लिया. राशि वसूली के बाद उसे छोड़ा गया.
शिक्षक रजनीश कुमार से भी अपराधियों ने 1.50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी. इतना ही नहीं अपराधियों ने खड़िया-पिपरा हाल्ट से गेट मेन का अपहरण कर राशि की वसूली की. कहा जाता है कि खड़गपुर में ठेकेदार, व्यवसायी व शिक्षक समुदाय हमेशा से अपराधियों व नक्सलियों के निशाने पर रहे हैं.
