व्यवस्था में लापरवाही . अस्पताल में फर्श पर घंटों तड़पता रहा, नहीं ली सुध
सदर अस्पताल की व्यवस्था काफी चरमरा गयी है. यहां बिना परिजन के पहुंचनेवाले रोगियों की खैर नहीं.
मुंगेर : सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को इलाज कराने पहुंचे एक वृद्ध के साथ परिजनों का नहीं होना अभिशाप बन गया. वह अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घंटों फर्श पर तड़पता रहा लेकिन उसके इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं हो पायी. और जब बेड मिला तो उसने दम तोड़ दिया. शहर के रायसर गांव निवासी वयोवृद्ध मो. असगर दमा के मरीज थे. जब कभी भी उन्हें बेचैनी होने लगता था तो वह किसी तरह सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड पहुंच जाता था.
बुधवार को भी वह इलाज करवाने इमरजेंसी वार्ड पहुंचा. काफी देर तक जब उसका इलाज नहीं किया गया तो वह कमजोरी की वजह से फर्श पर ही लेट गया. लगभग दो घंटे तक वह फर्श पर लेटा रहा. किंतु इस दौरान न तो किसी चिकित्सक ने उनसे उनकी तकलीफ पूछी और न ही किसी मेडिकल स्टाफ ने ही उन्हें फर्श पर से उठा कर बेड पर लिटाया. हाल यह था कि मरीज अपने मुंह से कुछ बोल भी नहीं पा रहे थे. अंतत: उनकी मौत हो गयी.
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि वह मरीज पुरुष मेडिकल वार्ड में पिछले 20 दिनों से भरती है. बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी मेडिकल स्टाफ उन्हें ऑक्सीजन नहीं लगाते हैं. जिसके बाद वह अपनी बेचैनी बयां करने के लिए फर्श पर लेटने लगता था. यह उनका रोज का धंधा था.
