बीमार नवजात को देखने भी नहीं गये चिकित्सक
मुंगेर : शहर के प्रसिद्ध गोमती गोयनका मातृ सदन में बुधवार को व्यवस्था की लापरवाही के कारण एक नवजात की मौत हो गयी. मृत नवजात बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मो. सलाम के रिश्तेदार फौजिया हसन का पुत्र था. घटना की सूचना मिलते ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुंदन कुमार एवं कोतवाली इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिन्हा अस्पताल पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल की. बताया जाता है
कि मो. सलाम के एक बड़े भाई मो. हसन इमाम की पुत्री फौजिया हसन ने सीजीरियन पद्धति द्वारा मंगलवार की शाम एक नवजात बच्चे को जन्म दिया. जन्म के बाद बच्चे का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के कारण उसे नर्सिंग होम में ही इंक्यूवेटर पर रखा गया. लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ती चली गयी.
दूसरी ओर इंक्यूवेटर में रखने के बाद बीती रात से ही कोई चिकित्सक उसे देखने तक नहीं गये. जब परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से बार-बार अनुरोध किया कि शिशु विशेषज्ञ चिकित्सक को बुला कर दिखवाया जाय तो बार-बार प्रबंधन द्वारा टाल-मटोल ही किया गया. मो. हसन इमाम ने बताया कि जब उन्होंने अस्पताल के व्यवस्थापक को कहा कि यदि यहां चिकित्सक नहीं आ रहे हैं तो वे बच्चे को रेफर कर दें. ताकि बच्चे को किसी अन्य चिकित्सक से ही इलाज करवाया जा सके. किंतु बच्चे को रेफर नहीं किया गया. कुछ देर बाद एक नर्स इंक्यूवेटर कक्ष में प्रवेश की तथा उनके बच्चे के मुंह में लगा ऑक्सीजन को खोल दिया.
पूर्वाह्न 10:30 बजे बच्चे ने सांस लेना बंद कर दिया. तभी एक नर्स बाहर निकली और बोली कि आपका बच्चा डेथ कर गया है. जिसके बाद नवजात के परिजन काफी आक्रोशित हो गये. परिजन बार-बार चिकित्सक को बुलाने की मांग करते रहे. किंतु लगभग चार घंटे बाद ढ़ाई बजे एक चिकित्सक को बुला कर नवजात के मौत का कागज तैयार किया गया.
नवजात की मौत की सूचना मिलते ही जदयू के जिलाध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष बीडीओ सिंह, जदयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संतोष सहनी, डेविड बेंजामिन, देव कुमार, अमित कुमार, राजद के नगर अध्यक्ष दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में महागठबंधन के नेता नर्सिंग होम पहुंच कर व्यवस्था के प्रति नाराजगी व्यक्त की.
