प्रतिनिधि , जमालपुर जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र की सड़कों के वर्गीकरण को लेकर नागरिक मंच ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है. मंच के अध्यक्ष वासुदेव पुरी एवं महामंत्री उमेश आजाद ने कहा कि नगरपालिका अधिनियम 2007 की सुसंगत धाराओं के अनुसार ही जमालपुर में भी सड़कों का वर्गीकरण किया जाना चाहिए. इसके लिए सड़क की स्वरूप, सघनता, उसकी वर्तमान चौड़ाई तथा समीपवर्ती भूमि के उपयोग को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. क्योंकि अधिनियम की धारा 293 में स्पष्ट निर्देश है कि सार्वजनिक सड़क की चौड़ाई छह मीटर है तो उसे पैदल पगडंडी माना जायेगा अर्थात वह अन्य सड़क की श्रेणी में होगा. किंतु शहर की तमाम संकीर्ण सड़कों एवं पगडंडियों को प्रधान एवं मुख्य सड़क बनाये जाने की साजिश रची गयी है. उन्होंने कहा कि नगरपालिका अधिनियम में निबंधन कार्यालय के मूल्यांकन के आधार पर वर्गीकरण रेलवे द्वारा एयरलाइंस के आधार पर किराया तय करने की अंधेड़गर्दी मानी जायेगी. मंच ने मांग की है कि जिलाधिकारी की मौजूदगी में सड़कों के वर्गीकरण के सवाल पर पहले नागरिकों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाय और तब इसे लागू किया जाय.
वर्गीकरण के पहले समीक्षा बैठक की मंच ने की मांग
प्रतिनिधि , जमालपुर जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र की सड़कों के वर्गीकरण को लेकर नागरिक मंच ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है. मंच के अध्यक्ष वासुदेव पुरी एवं महामंत्री उमेश आजाद ने कहा कि नगरपालिका अधिनियम 2007 की सुसंगत धाराओं के अनुसार ही जमालपुर में भी सड़कों का वर्गीकरण किया जाना चाहिए. इसके लिए […]
