फोटो संख्या : 9फोटो कैप्सन : मटर की फसल दिखाते किसान प्रतिनिधि, बरियारपुर तारापुर दियारा व बिंदादियारा क्षेत्र के किसानों के खेतों में मटर के फसल में सुखता बीमारी लग जाने से काफी परेशान हैं. इसके कारण मटर (छिमड़ी) के पौधे में वृद्धि नहीं हो रही है, जबकि किसानों ने खेतों में प्रति एकड़ 15 हजार रुपये खर्च किये. अब उन्हें लगाये गये पूंजी भी ऊपर कर पाना मुश्किल हो गया है. किसान हरदेव सिंह, शंकर सिंह, डब्लू मंडल, ज्ञानदेव यादव, सुरेंद्र मंडल ने बताया कि मटर के खेतों को लेकर चिंता सता रही है. महाजन से कर्ज लेकर खेती किया सारा मेहनत पानी में चला गया. अब ऋण व महाजन से लिये गये कर्ज को चुकाना भी परेशानी हो जायेगा. किसानों ने बताया कि शुरुआत में मटर की बुआई किया तो पौधे का अंकुरण भी काफी अच्छा रहा और वृद्धि भी हुई. लेकिन फल देने का समय आया तो सुखता रोग से ग्रसित होकर फसल ही बरबाद होना प्रारंभ हो गया और पौधे में एक-दो छिमड़ी ही नजर आता है. कहते हैं कृषि पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी केके वर्मा ने बताया कि वैज्ञानिक को भेज कर जांच करवाया जायेगा. साथ ही इसके उपचार की व्यवस्था की जायेगी.
मटर की खेती करना किसानों को पड़ा महंगा
फोटो संख्या : 9फोटो कैप्सन : मटर की फसल दिखाते किसान प्रतिनिधि, बरियारपुर तारापुर दियारा व बिंदादियारा क्षेत्र के किसानों के खेतों में मटर के फसल में सुखता बीमारी लग जाने से काफी परेशान हैं. इसके कारण मटर (छिमड़ी) के पौधे में वृद्धि नहीं हो रही है, जबकि किसानों ने खेतों में प्रति एकड़ 15 […]
