फोटो संख्या : 18फोटो कैप्सन : प्रवचन करते स्वामी अनुरागानंद प्रतिनिधि, असरगंज 14वां शिव गुरु महोत्सव के अवसर पर गुरुवार को पुरानी दुर्गास्थान के प्रांगण में शिविर गुरु परिचर्चा के माध्यम से जीवन के महत्व पर विस्तार पूर्वक बताया गया. शिव गुरु महोत्सव के मुख्य वक्ता सह मिशन के संस्थापक स्वामी अनुरागानंद जी महाराज ने कहा जीवन एक यात्रा, चेतना यात्री शरीर सवारी, प्राण शक्ति ईंधन गुरु गाइड और परमात्मा एक गंतव्य है. उन्होंने कहा कि यात्रा की दिशा गलत होने से गंतव्य तीन गुणा दूर हो जाता है. उसी तरह से चेतना की जीवन यात्रा की दिशा गलत होने से परमात्मा काफी दूर हो जाते हैं. उसी प्रकार ब्रह्मांड में यात्रा कर रही चेतना भी बगैर गुरु यात्रा करने क्रैस कर जाती है और चेतना रूपी यात्रा के यात्री यात्रा परम चेतना से शुरू होती है. घर से यात्रा का समापन घर आकर हो होती है. उसी पर चेतना में लौट कर ही होती है. वहीं पर जाकर चेतना परम शांति प्राप्त करती है. परम धाम शिव धाम कहलाता है और परमात्मा शिव. मौके पर भजन फणीभूषण, श्वाति, कार्तिक, बासुकी ने अपने शिव भजन से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा.
प्राण शक्ति ईंधन गुरु गाइड और परमात्मा एक गंतव्य
फोटो संख्या : 18फोटो कैप्सन : प्रवचन करते स्वामी अनुरागानंद प्रतिनिधि, असरगंज 14वां शिव गुरु महोत्सव के अवसर पर गुरुवार को पुरानी दुर्गास्थान के प्रांगण में शिविर गुरु परिचर्चा के माध्यम से जीवन के महत्व पर विस्तार पूर्वक बताया गया. शिव गुरु महोत्सव के मुख्य वक्ता सह मिशन के संस्थापक स्वामी अनुरागानंद जी महाराज ने […]
