जर्जरता की दौर से गुजर रहा फिलिप उच्च विद्यालय

फोटो संख्या : 6फोटो कैप्सन : जर्जर छत का सीलिंग प्रतिनिधि, बरियारपुरबरियारपुर प्रखंड का सबसे पुराना फिलिप उच्च विद्यालय आज अपनी जर्जरता की दौर से गुजर रहा है. जर्जरता की हालत यह है कि कमरे के सीलिंग का छड़ छोड़ चुका है और चट्टान टूट-टूट कर गिर रहा है. जिससे बच्चे चोटिल भी हो जाते […]

फोटो संख्या : 6फोटो कैप्सन : जर्जर छत का सीलिंग प्रतिनिधि, बरियारपुरबरियारपुर प्रखंड का सबसे पुराना फिलिप उच्च विद्यालय आज अपनी जर्जरता की दौर से गुजर रहा है. जर्जरता की हालत यह है कि कमरे के सीलिंग का छड़ छोड़ चुका है और चट्टान टूट-टूट कर गिर रहा है. जिससे बच्चे चोटिल भी हो जाते हैं. फिलिप उच्च विद्यालय की स्थापना 1939 ई में हुई थी. स्थापना के बाद से आजतक विद्यालय निर्माण या मरम्मती की दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया गया. जबकि इस विद्यालय में कुल कमरों की संख्या 18 है जो पूरी तरह जर्जर है. इस विद्यालय को प्लस टू का दर्जा मिल गया और कुल नामांकित छात्रों की संख्या 542 है. जर्जर कमरे में ही छात्र पढ़ाई करने को मजबूर हैं. कमरे के साथ ही सीढ़ी, छत, रेलिंग कभी भी बड़े हादसा का गवाह बन सकता है. सीढ़ी का छड़ भी लटक गया है. हमेशा छात्रों का यह भय बना रहता है कि कहीं छत गिर न जाय. इस विद्यालय से जमालपुर के विधायक शैलेश कुमार भी शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं. कहते हैं प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापक नंद किशोर सिंह ने बताया कि विद्यालय के कमरे की जर्जर स्थिति से विभाग को अवगत कराया गया है. लेकिन इस ओर विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. ऐसा लगता है कि कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >