ठंड से बेपटरी हुई जिंदगानी, बच्चे व बूढ़ों की बढ़ी परेशानी

प्रतिनिधि, मुंगेर लगातार बढ़ रही ठंड के कारण जिंदगी बेपटरी हो गयी है. लोगों का दिनचर्या जहां प्रभावित हो गया है, वहीं बच्चे व बूढ़ों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. दैनिक मजदूरी करने वालों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न होने लगी है. पिछले तीन-चार दिनों से सूर्य की आंख-मिचौली जारी है. दिन में […]

प्रतिनिधि, मुंगेर लगातार बढ़ रही ठंड के कारण जिंदगी बेपटरी हो गयी है. लोगों का दिनचर्या जहां प्रभावित हो गया है, वहीं बच्चे व बूढ़ों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. दैनिक मजदूरी करने वालों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न होने लगी है. पिछले तीन-चार दिनों से सूर्य की आंख-मिचौली जारी है. दिन में आधे घंटे भी सूर्य भगवान का दर्शन नहीं हो पा रहा है. शाम जल्दी हो जाती है. इस दौरान ठंड भी जारी रहता है. रात में ठंड के साथ हल्का कुहासा भी रहता है. हाल यह है कि प्रात: 7-8 बजे के बाद लोगों का दिनचर्या प्रारंभ होता है. ठंड में सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बूढ़ों को होती है. स्कूल जाने के लिए बच्चों को इस ठंड में भी सुबह सबेरे जगना पड़ता है और ठंड के बीच ही स्कूल जाना पड़ता है. स्कूल से लौटने पर शाम हो जाती है और उन्हें ठंड के कारण अभिभावक घर से खेलने के लिए नहीं निकलने देते है. ठंड से दैनिक मजदूर भी काफी प्रभावित है. रिक्शा चालक, ठेला चालक एवं दैनिक मजदूरी करने वालों को काम नहीं मिल पाता है. जिसके कारण उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वाई के दिवाकर ने बताया कि ठंड से बचाव जरूरी है. खास कर बच्चों और बूढ़ों के लिए. लोगों को अलाव का सहारा लेना चाहिए और हल्का गरम पचने वाला भोजन करना चाहिए.

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