मुंगेर : मुंगेर शहर के मुख्य सड़कों पर फुटकर विक्रेताओं का कब्जा है. जिसके कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहती है. नगर निगम ने शहर के ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए फुटकर विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन भी बनाया. बावजूद इसके फुटकर विक्रेता वेंडिंग जोन जाकर दुकान लगाने के बदले आज भी शहर के मुख्य सड़कों पर दुकान लगा कर अव्यवस्था उत्पन्न कर रहे हैं. लेकिन निगम प्रशासन और जिला प्रशासन शहर के मुख्य सड़कों को फुटकर विक्रेताओं से मुक्त नहीं करा पायी.
वसूली के चक्कर में शहर की सड़कों को नहीं मिल पर रही है फुटकर विक्रेताओं से मुक्ति
मुंगेर : मुंगेर शहर के मुख्य सड़कों पर फुटकर विक्रेताओं का कब्जा है. जिसके कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहती है. नगर निगम ने शहर के ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए फुटकर विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन भी बनाया. बावजूद इसके फुटकर विक्रेता वेंडिंग जोन जाकर दुकान लगाने के बदले आज […]

सजता है शहर के मुख्य सड़कों पर बाजार : पांच-पांच वेंडिंग जोन रहने के बावजूद शहर के मुख्य सड़कों पर ही बाजार सजती है. जिसके कारण शहर पूरी तरह से अव्यवस्थित है. शहर के एक नंबर ट्रैफिक से लेकर सदर अस्पताल रोड, एक नंबर ट्रैफिक से गांधी चौक तक, राजीव गांधी चौक से शीतला स्थान तक, कोतवाली रोड, राजीव गांधी चौक से पीएनबी चौराहा तक सड़कों पर ही दुकान सजती है. जिसके कारण पूरा मार्ग अव्यस्थित हो गया है.
सड़कों के फुटपाथ पर जहां सब्जी दुकानदारों का कब्जा है. वहीं सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में ठेला लगा कर फल व सब्जी का कारोबार हो रहा है. आजाद चौक को तो पूरी तरह से सब्जी दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है. सड़कों पर फुटकर दुकानदारों के कारण सड़क पूरी तरह से संकरी हो गयी है. हर दिन दुकानदार एवं राहगीरों में तू-तू-मैं-मैं होती रहती है.
क्यों हो रही समस्या : जानकारों की माने तो शहर की सड़कों पर दुकान लगाने वाले हर ठेला व टोकरी वाले एवं दुकानदार से निगम प्रशासन टैक्स वसूल रहा है. क्योंकि निगम के रजिस्टर में तो 1300 दुकानदारों का ही लिस्ट है. बताया जाता है कि कुछ पुलिस वाले भी इन दुकानदारों से वसूली कर रहा है. एक फुटकर दुकानदार ने बताया कि रसीद से अधिक पैसा हमलोगों से लिया जा रहा है. जबकि निगम द्वारा आई कार्ड भी नहीं दिया गया है.
पहले से बना हुआ है पांच वेंडिंग जोन: फुटकर विक्रेताओं और ठेला चालकों द्वारा जगह-जगह दुकान लगाये जाने से शहर में काफी समस्या हो रही है. जिसके कारण नगर निगम प्रशासन ने फुटकर विक्रेताओं के लिए पांच बेडिंग जोन बनाया है.
जिसमें वार्ड संख्या-27 में बेकापुर चौक, वार्ड संख्या-13 में कोतवाली राजा बाजार, वार्ड संख्या-11 व 12 में जिला स्कूल हॉस्पिटल रोड, वार्ड संख्या-20 में पूरबसराय बसंती तलाब, वार्ड संख्या-34 में कौड़ा मैदान गरैया मार्केट, वार्ड संख्या-39 में चंदनबाग चुआबाग शामिल है. जहां सभी दुकानदारों को शिफ्ट करने की योजना बनायी गयी.
निगम प्रशासन ने भी इन दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित वेंडिंग जोन जाकर दुकान लगाये. लेकिन वेंडिंग जोन में नया दुकानदार तो शिफ्ट हो गये. लेकिन शहर की सड़कों पर दुकान लगाने वाले वेंडिंग जोन के बदले सड़कों पर ही दुकान लगा रहे हैं. जिसके कारण शहर में अव्यवस्था का माहौल व्याप्त है.
अब सरकारी बस स्टैंड पर कब्जे की तैयारी : पहले से बने वेंडिंग जोन में तो फुटकर दुकानदार गये नहीं और निगम प्रशासन ने एक नया वेंडिंग जोन खोलने का प्रस्ताव ले लिया. इस बार शहर के हृदय स्थली एक नंबर ट्रैफिक पर स्थित सरकारी बस स्टैंड को ही वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव ले लिया है.
जिसे फुटकर दुकानदारों को दुकान लगाने के लिए दिया जायेगा. यू तो यहां दुकान लगने से ट्रैफिक समस्या बढ़ जायेगी. लेकिन क्या सरकारी बस स्टैंड को वेंडिंग जोन बनाने से शहर के अव्यवस्था का निदान निकलेगा या और अव्यवस्था बढ़ेगी यह तो समय ही बतायेगा.
शहर में हैं 10 हजार फुटकर विक्रेता : निगम प्रशासन शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए गंभीर है. फुटकर विक्रेता संघ के अध्यक्ष मो. आरिफ ने बताया कि शहर में फुटकर विक्रेताओं की संख्या लगभग 10 हजार है.
जबकि निगम द्वारा अबतक केवल 1300 फुटकर विक्रेताओं का सर्वे कर आईडी कार्ड दिया गया है. साथ ही जिन स्थानों को वेंडिंग जोन बनाया गया है. वहां दुकानदारों के लिये पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है. वहीं इन सभी वेंडिंग जोन पर निगम द्वारा कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है. क्या सरकारी बस स्टैंड को वेंडिंग जोन बनाने से 10 हजार फुटकर विक्रेताओं को जगह मिल जायेगी जो सबसे बड़ा सवाल है.
कहते हैं मेयर
मेयर रूमा राज ने कहा कि शहर के फुटकर विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन बनाये गये हैं और उन्हें यह निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित स्थल पर ही अपनी दुकान लगाएं. मुख्य सड़क पर दुकान लगाना पूरी तरह गलत है.