मुंगेर : एके-47 हथियार मामले की जांच करने के लिए पिछले पांच दिनों से एनआइए की टीम मुंगेर में डेरा डाले हुए है. जिसके द्वारा अबतक आधे दर्जन से अधिक लोगों को उठा कर पूछताछ किया गया. लेकिन एक भी लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई.
जबकि अन्य एके-47 हथियार बरामद करने की हर कोशिश भी एनआइए के साथ ही मुंगेर पुलिस की बेकार हो रही है. लेकिन अधिक समय से डेरा डाले रहने के कारण माना जा रहा है कि इस बार एनआईए कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करने के फिराक में है.
मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित सीओडी से चोरी कर सीधे मुंगेर सप्लाई हो रही एके-47 मामले का भले ही उद्भेदन हो गया है. दो दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हुई तो कई तस्करों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया.
देश की सुरक्षा से जुड़े मामला होने के कारण एक मामले की जांच एनआईए को दिया गया. जो मुफस्सिल थाना कांड संख्या 323/18 है. जिसमें मिर्जापुर बरदह गांव निवासी शमशेर द्वारा लाये गये एके-47 से भरा बैग को पुलिस ने उसकी बहन के घर रिजवाना बेगम के घर से 3 एके-47 हथियार पुलिस ने जब्त किया था.
इस मामले में एनआईए ने जेल में बंद कई तस्कर को पटना लेकर चली गयी. जहां उनसे गहन पूछताछ किया गया. माना जा रहा है. उन तस्करों के पूछताछ के आधार पर ही एनआईए की टीम इस बार कई दिनों से मुंगेर में डेला डाले हुए है. मुंगेर पुलिस द्वारा एके-47 में की जा रही अनुसंधान की समीक्षा एनआईए द्वारा किया जा रहा है.
बुधवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरदह गांव से दो भाईयों को एनआईए ने उठा कर थाना लाया. तीन-चार घंटे की पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया. माना जा रहा है कि 70 से 80 एके-47 की आपूर्ति मुंगेर में की गयी थी. अथक प्रयास के बाद 22 हथियार ही अबतक मिल पाया है. इसलिए अन्य हथियारों की बरामदगी एवं सफेदपोश, तस्कर एवं खरीदारों को गिरफ्तार करने के लिए एनआईए अपना जाल बिछा रखा है.
