तारापुर : कच्ची कांवरिया पथ से सटे सोनरबा बासा के समीप एनके सिंह के बासा के बरामदे पर लावारिस अवस्था में मिले शक्तिशाली बम मिलने के मामले की जांच शुरू हो गयी है. मंगलवार को एफएसएल एवं एटीएस की टीम तारापुर पहुंची और घटनास्थल पर जाकर जांच किया.
एफएसएल टीम के सदस्य अपने साथ निष्क्रिय किये गये बम में प्रयुक्त सामग्रियों का सैंपल एवं बरामद स्थल के आस-पास से कुछ सैंपल इकट्ठा कर अपने साथ लेकर गयी. जबकि एटीएस की टीम अधिकारियों से मिल कर मामले में गहन जानकारी हासिल किया.
बताया जाता है कि एफएसएल टीम ने निष्क्रिय बम में प्रयुक्त सामग्रियों का सैंपल इकट्ठा कर ले गयी है. जिसकी जांच टीम अपनी प्रयोगशाला में करेगी. उसके बाद उन्हें यह पता चल पायेगा कि इसमें प्रयुक्त सामग्री की खरीद की संभावना किन स्थलों से हो सकती है. साथ ही बम कितना शक्तिशाली था. वहीं एटीएस टीम का मानना है कि प्राप्त बम लो एक्सक्लोसिव श्रेणी का था. इसकी मैन्युफैक्चरिंग किसी बहुत बड़े जानकार टीम द्वारा नहीं की गई है.
आशंका व्यक्त किया गया कि कोई नजदीक का अपराधी गिरोह बम बनाने की कला को सीख कर आया था तथा बम बनाकर सुनसान बहियार में इसे टेस्ट करने का प्रयास करने वाला था. बम विस्फोट की प्रक्रिया में एक ऐसी स्थिति बनती है कि अगर मिशन असफल हो तो उसे उठाकर कहीं ले भी नहीं जा सकता या यूं कहें कि न उठाते बनता और न ही छोड़ते. इतना तय है कि इसमें एक से अधिक व्यक्ति शामिल हैं.
पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि जांच के बाद राहत की बात यह है कि इसमें नक्सली गतिविधि की आशंका प्रतीत नहीं होती है. नक्सली के गतिविधि या उसके कार्य करने के तरीके से यह घटना मेल नहीं खाती है. बहरहाल दोनों टीमों के जांच प्रतिवेदन के बाद स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. विदित हो कि 29 जून को एनके सिंह के बासा पर लावारिस अवस्था में बम मिला था. जिसे लेकर प्रशासनिक महकमा में खलबली मच गयी थी. हालांकि बीएमपी नवम के बम निरोधक दस्ता ने उसी दिन बम को डिफ्यूज कर दिया था.
