राष्ट्रीय लोक अदालत : 1296 वादों का हुआ निष्पादन, 4.56 करोड़ का सेटलमेंट

व्यवहार न्यायालय स्थित एडीआर भवन में शनिवार को 2025 का आखिरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया.

मुंगेर. व्यवहार न्यायालय स्थित एडीआर भवन में शनिवार को 2025 का आखिरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरबिंद कुमार शर्मा, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अमित रंजन उपाध्याय, सीजेएम अदिति गुप्ता, डीएसपी अर्जुन कुमार गुप्ता, विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शशि शेखर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

जिला जज ने कहा आपसी समझौता के आधार पर अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन करना लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है, ताकि न्यायालय में लंबित वादों की संख्या कम हो सके. इसमें हार या जीत किसी की नहीं होती, क्योंकि यहां मामलों का निष्पादन आपसी सुलह और समझौता के आधार पर होता है. उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को अहंकार त्याग कर खुले मन से लोक अदालत में सुलहनीय वादों में समझौता के लिए आगे बढ़ना चाहिए. सचिव दिनेश कुमार ने बताया विभिन्न मामलों के निष्पादन के लिए 13 बेंचों का गठन किया गया. है. इस अवसर पर अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम कुमार पंकज, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय अकांक्षा, एसडीएम संगीता कुमारी, एसीजेएम चतुर्थ कुमारी विजया शांति, जेएम प्रथम शक्तिमान भारती, निष्ठा, अनन्या, पैनल लॉयर, अधिकार मित्र आदि लोग मौजूद थे.

न्यायिक अधिकारियों ने की कुल 1821 वादों की सुनवाई

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1821 वादों की सुनवाई न्यायिक अधिकारियों ने की. जिसमें कुल 1296 मामलों का निष्पादन आपसी सुलह व समझौता के आधार पर किया गया. जिसमें शमनीय न्यायिक मामले के 594 एवं विवाद पूर्व वाद 702 था. इस दौरान कुल चार करोड़ 56 लाख 57 हजार 451 रुपये का सेटलमेंट किया गया.

जवानी में की लकड़ी चोरी, बुढ़ापे में मिली जुर्माना देकर मुक्ति

वन विभाग ने 26 वर्ष पूर्व 1999 में दो आदिवासी के विरुद्ध जंगल से लकड़ी चोरी करने के आरोप में केस किया था. दोनों अभियुक्तों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में 500-500 रुपये जुर्माना राशि देकर आज केस से मुक्ति पाई.

15 वर्ष पुराना बिजली चोरी के मामले से मिली मुक्ति

एसडीजेएम संगीता कुमारी के पीठ संख्या-08 में 15 वर्ष पुराना मामले का निष्पादन हुआ. कोर्ट पेशकार संदीप चौरसिया ने बताया कि वर्ष 2010 में कौड़ा मैदान विपिन कुमार के विरुद्ध बिजली विभाग ने बिजली चोरी का केस किया, जो आज आपसी समझौते से निष्पादन हो गया.

दंपति का विवाद सुलझा, पति के साथ घर गयी पत्नी

मुंगेर.

एडीजे चतुर्थ मनीष कुमारी के पीठ संख्या-2 में दो दंपति में आपसी सहमति हो गया और राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से वह पति के साथ घर चली गयी. बताते चलें कि प्रिंस कुमार की शादी पूजा कुमारी के साथ 11 मार्च 2020 को शादी हुई थी और वर्ष 2025 में परिवार न्यायालय में केस किया था. वहीं रेलवे स्टेशन मास्टर जय प्रकाश की शादी एक सितंबर 2018 को हुआ था. उन्होंने दाम्पत्य अधिकारों को पुनर्स्थापन हेतु वर्ष 2022 में मुकदमा लाया था.

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Published by: Birendra kumar sing

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