सड़क के ऊपर बना लिया निजी ओवरब्रिज, सुविधा के लिए सरकारी सड़क पर किया निर्माण

मुंगेर : सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव में शायद कानून का राज नहीं चलता है. यहां दबंगों द्वारा खुलेआम दादागिरी की जा रही है, किंतु प्रशासन मौन है. हाल यह है कि यहां के एक दबंग परिवार ने अपने एक घर के छत से दूसरे घर […]

मुंगेर : सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव में शायद कानून का राज नहीं चलता है. यहां दबंगों द्वारा खुलेआम दादागिरी की जा रही है, किंतु प्रशासन मौन है. हाल यह है कि यहां के एक दबंग परिवार ने अपने एक घर के छत से दूसरे घर के छत तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक सड़क के 15 फीट ऊपर पक्का ढलाई कर ओवरब्रिज बना लिया.

परेशान ग्रामीण पिछले एक सप्ताह से लगातार अंचलाधिकारी, थाना पुलिस, अनुमंडलाधिकारी, डीएसपी हेड क्वार्टर से लेकर समाहरणालय तक का चक्कर लगा चुके हैं. बावजूद इसके इस अवैध निर्माण को लेकर अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो पायी है.
सार्वजनिक सड़क के ऊपर है निजी ओवरब्रिज : नियम-कानून को ठेंगा दिखाते हुए सीताकुंड डीह गांव के स्थानीय निवासी दिनेश मंडल तथा उसका भाई मनोहर कुमार मंडल ने अपने एक घर से सड़क के दूसरे किनारे बने दूसरे मकान तक पहुंचने के लिए पिछले 28 अप्रैल को एक ओवरब्रिज का निर्माण कार्य आरंभ किया.
जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस तथा अंचलाधिकारी को दी. सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस के साथ सदर अंचलाधिकारी दिव्यराज गणेश मौके पर पहुंचे तथा काम को बंद करवा कर वापस लौट गये. किंतु उनके जाते ही उनलोगों ने पुन: अोवरब्रिज का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया और ग्रामीणों द्वारा विरोध किये जाने के बाद भी निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया.
मालूम हो कि जिस सड़क के उपर ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है, वह एक सरकारी सड़क है. जिस पर बिना पथ निर्माण विभाग से एनओसी लिये अोवरब्रिज का निर्माण नहीं किया जा सकता है. बावजूद इन लोगों ने दबंगता दिखाते हुए तथा प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए ओवरब्रिज का निर्माण कर लिया है. जिससे यह प्रतीत होता है कि नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव में शायद कानून का राज नहीं चलता है.
कहते हैं एसडीओ
सदर अनुमंडल पदाधिकारी खगेशचंद्र झा ने बताया कि सड़क के ऊपर निजी ओवरब्रिज बनाना पूरी तरह अवैध है. इसे हटाया जायेगा.

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