असुरक्षित है अस्पताल का कैदी वार्ड, भाग सकते हैं बंदी

मुंगेर : मुंगेर सदर अस्पताल परिसर स्थित कैदी वार्ड पूरी तरह से असुरक्षित है. जब चाहे तब कैदी आसानी से भाग सकता है. जिसे रोकने के लिए वहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोई सुदृढ़ व्यवस्था नहीं है. कैदी वार्ड की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हो रही है. जो प्रशासन के लिए कभी […]

मुंगेर : मुंगेर सदर अस्पताल परिसर स्थित कैदी वार्ड पूरी तरह से असुरक्षित है. जब चाहे तब कैदी आसानी से भाग सकता है. जिसे रोकने के लिए वहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोई सुदृढ़ व्यवस्था नहीं है. कैदी वार्ड की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हो रही है. जो प्रशासन के लिए कभी भी परेशानी का सबब हो सकता है.

मुंगेर सदर अस्पताल में मंडल कारा से लगातार कैदियों का आना-जाना लगा रहता है. जिसमें कई कैदी कुख्यात अपराधी हैं. जो हत्या, अपहरण जैसे संगीन मामलों में जेल में बंद है.
हाल यह है कि जेल में बंद अपराधी जेलकर्मी को धमकी देता है और जेल के बाहर सुरक्षा में लगे जवानों को गोली मरवा देता है. ऐसे ही कैदी बीमार होने पर अस्पताल इलाज कराने आता है. जरूरत पड़ने पर अस्पताल के कैदी वार्ड में ही इन कैदियों को रखा जाता है.
लेकिन जिस कैदी वार्ड में कैदियों को रखा जाता है. वह सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही नहीं है. प्रभात खबर टीम ने रविवार को कैदी वार्ड का जायजा लिया. जहां एक भी कैदी इलाजरत नहीं था. सुरक्षा के त्रुटियों को जुटाने का प्रयास किया तो कई त्रुटि सामने आयी.
कैदियों के भागने की हो सकती है घटना : कैदियों को भागने के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बन सकता है सदर अस्पताल का कैदी वार्ड. कैदी वार्ड में सिर्फ कैदी के आराम के लिए बेड की व्यवस्था की गयी है. जबकि पेशाब व शौच के लिए इन कैदियों को वार्ड से बाहर निकाला जाता है. आम रोगियों के लिए बनाये गये शौचालय का उपयोग ही कैदी करते हैं.
जबकि आम रोगियों और उसके परिजन के साथ ही कैदी भी स्नान करते हैं. कैदी वार्ड के पीछे ही एक कर्मचारी का पूरा परिवार रहता है. जबकि एक हिस्से में जेनेरेटर संचालक अपना डेरा बनाये हुए हैं. कैदी वार्ड के पिछले हिस्से में सदर अस्पताल की चहारवारी भी टूटी हुई है. अगर समय रहते कैदी वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ नहीं किया गया तो कैदी इसका कभी भी लाभ उठा सकता है.
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ पुरुषोत्तम कुमार कैदी वार्ड की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि वे कैदी वार्ड का जायजा ले चुके हैं. इसके लिए बीएमएसआइसीएल (बिहार मेडिकल सर्विस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड) से पत्राचार किया जा रहा है. जल्द ही व्यवस्था में सुधार हो जायेगा.

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