मुंगेर : बिटिया का हाथ पीला करते ही कुछ माता-पिता यह समझ लेते हैं कि अब उसका दायित्व पूरा हो गया, लेकिन यह वास्तविकता नहीं है. कई बेटियां विवाह के बाद ससुराल वालों के प्रताड़ना का शिकार हो जाती है और अंतत: उसकी हत्या कर दी जाती है या फिर वह प्रताड़ित होकर खुद ही आत्महत्या करने को उतारू हो जाती है.
ऐसी ही एक घटना सदर प्रखंड के जानकीनगर में देखने को मिला. जहां एक विवाहिता पति से प्रताड़ित होकर मायके आ गयी. किंतु उसका तनाव धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि वह आत्महत्या करने को उतारू हो गयी. हालांकि समय रहते उसका उपचार कर उसे बचा लिया गया.
सदर प्रखंड के जानकीनगर निवासी नीलकमल तांती की पुत्री कुमकुम कुमारी का विवाह चंडीगढ़ के कालेआम थाना क्षेत्र के कुंडला निवासी रघुवीर गुर्जर से किया गया था. किंतु शादी के बाद से ही उसका पति उसे प्राय: प्रताड़ित करते रहता था. काफी समय तक कुमकुम अपने पति का प्रताड़ना चुपचाप सहते रही.
जब बात बर्दास्त से बाहर हो गया तो उसके पिता ने कुमकुम को उसके ससुराल से वापस मायके ले आया. कुछ दिनों तक तो कुमकुम ठीक रही. किंतु समाज का ताना सुनकर वह काफी तनाव में रहने लगी और सोमवार को उसने तनाव में आत्महत्या की नीयत से घर में रखा कीटनाशक खा लिया.
जब हालत बिगड़ने लगी और परिजनों ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे खतरे से बाहर बताया गया.
