मुंगेर : अभी तक पासपोर्ट, बैंक चेकबुक, पैनकार्ड, एटीएम और डेबिट कार्ड ही डाक से आपके घर पर आते रहे हैं. लेकिन अब परिवहन विभाग द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आवेदकों के घर तक पहुंचाने के लिए नयी व्यवस्था शुरू कर दी गयी है.
पासपोर्ट की तर्ज पर ही ड्राइविंग लाइसेंस भी आपके घर पर पहुंचेगा. घर बैठे ही आवेदक आसानी से अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे. गुरुवार को जिला परिवहन कार्यालय में डाक अधीक्षक एवं डीटीओ के बीच इस अनुबंध को स्वीकृति प्रदान की गयी और चार ड्राइविंग लाइसेंस का स्मार्ट कार्ड को निबंधित डाक से भेज कर नयी व्यवस्था का शुभारंभ किया गया.
नयी व्यवस्था से लाइसेंस आवेदकों के पते का भी हो सकेगा वेरिफिकेशन
विदित हो कि परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की होम डिलिवरी सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है. इस व्यवस्था के तहत मुंगेर में भी यह व्यवस्था लागू किया गया.
डीटीओ रामाशंकर ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों के घर तक पहुंचाने की नयी व्यवस्था से लाइसेंस आवेदकों के पता का भी वेरिफिकेशन हो सकेगा. कोई भी व्यक्ति गलत पते पर लाइसेंस अब नहीं बनवा सकेंगे. कई बार फर्जी पते पर लाइसेंस बनने के मामले आते रहे हैं.
इस व्यवस्था के लागू होने से दलालों पर भी अंकुश लगेगा. इतना ही नहीं लोगों को कार्यालय का चक्कर भी नहीं काटना पड़ेगा. जिला परिवहन कार्यालय की ओर से स्पीड पोस्ट और निबंधित डाक से नागरिकों को यह सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. इससे प्रत्येक स्पीड पोस्ट के लिए तत्काल नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं है. इसका मासिक भुगतान विभाग द्वारा डाक विभाग को किया जायेगा.
इस व्यवस्था के शुरू होने से ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए आवेदकों को डीटीओ ऑफिसर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन देने के बाद ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित समय सीमा के अंदर डाक विभाग के जरिये लाइसेंस आवेदकों के दिये पते पर पहुंचा दिया जायेगा. अगर एड्रेस सही नहीं पाया गया तो डीएल पुन: वापस लौट जायेगा.
