मुंगेर : अवैध हथियार निर्माण एवं तस्करी के लिए मुंगेर पूरे देश में ख्याति प्राप्त कर चुका है. देश के किसी भी हिस्से में अवैध हथियार मिलता है तो अधिकांश मामलों में मुंगेर का नाम जुड़ जाता है. इतना ही नहीं लोकसभा का चुनाव हो या फिर किसी राज्य में विधानसभा व नगर निकाय का चुनाव, मुंगेरिया हथियार की डिमांड बढ़ जाती है. देश में लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही मुंगेरिया हथियार की डिमांड होने लगी है. डिमांड को पूरा करने के लिए निर्माता दियारा इलाके में अवैध हथियार निर्माण के कारोबार में भिड़ गये हैं.
कम लागत में अधिक मुनाफा के कारण किसान से लेकर मजदूर तबके के लोग भी इस धंधे से जुड़ जाते हैं. जब पुलिस ने सोमवार की रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र में छापेमारी कर आठ मिनी गन फैक्टरी का उद्भेदन किया तो यह बात पुन: उजागर हुई कि हथियारों का निर्माण दियारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होने लगा है.
मुफस्सिल एवं बरियारपुर थाना क्षेत्र का बड़ा भू-भाग दियारा का है. जहां पुलिस की धमक नहीं है. जब पुलिस द्वारा रोड मार्ग वाले गांव, कस्बा व मुहल्ले में छापेमारी कर हथियार निर्माण व तस्करी पर रोक लगाने का प्रयास किया गया तो हथियार करोबारियों में हड़कंप मचा.
इसके बाद हथियार निर्माण के लिए दियारा क्षेत्र का चयन किया गया. जहां आज भी बड़े पैमाने पर अवैध हथियार का निर्माण होता है. दियारा क्षेत्र में इस प्रकार हथियार का निर्माण किया जाता है, जैसे यहां कुटीर उद्योग चल रहा हो.
हथियार निर्माण का सेफ जोन बना दियारा : मुंगेर का दियारा इलाका अवैध हथियार निर्माण के लिए सेफ जोन माना जाता है. अवैध हथियार निर्माण करने वाले नाव से सुबह सबेरे गंगा पार कर जाते हैं. उसके बाद कास के जंगल, फसल के बीचों-बीच अथवा बालू पर मचान देकर मिनी गन फैक्टरी का संचालन करते हैं. यहां खुलेआम हथियार का निर्माण करते हैं. कोई रोक-टोक नहीं होता. पुलिस का भी डर नहीं होता है.
क्योंकि पुलिस के आने से पहले ही हथियार कारीगरों को पता चल जाता है. तब हथियार निर्माता एवं कारोबारी किसान बन जाते हैं या भाग जाते हैं. क्योंकि भौगोलिक दृष्टिकोण से दियारा क्षेत्र में छापेमारी के लिए पुलिस को पहले रणनीति बनानी पड़ती है. काफी संख्या में पुलिस पदाधिकारी व जवानों को लेकर छापेमारी के लिए निकलना पड़ता है. थाना से निकल कर गंगाघाट पहुंचते है और फिर नाव से गंगा पार करते है. तब तक हथियार कारोबारियों को इसका पता चल जाता है.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक: पुलिस अधीक्षक गौरव मंगला ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर मुंगेर पुलिस द्वारा अवैध हथियार निर्माण व तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. जिसके तहत यह बड़ी उपलब्धि पुलिस को मिली है. कारीगर लोकसभा चुनाव को देखते हुए हथियार बनाने में लगे थे.
केस स्टडी : 1: मुंगेर पुलिस ने 24 जनवरी 2019 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेरूदियारा के दियारा क्षेत्र में छापेमारी की. जहां से पुलिस ने छापेमारी में अर्द्ध निर्मित पिस्टल 4, अर्द्ध निर्मित मैगजीन 5, हैंड ड्रिल 1, बेस मशीन 5, हेक्सा ब्लेड 4, हैंड कटर 1, हैंड बेस 4, रेती बड़ा 13, हथौड़ी 4, रेती छोटा 14 बरामद किया था. जबकि इस मामले में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के हेरूदियारा निवासी प्रीतलाल यादव के पुत्र उमेश यादव और वासुदेव यादव के पुत्र सुबोध यादव को गिरफ्तार किया था.
केस स्टडी : 2: मुंगेर पुलिस ने 25 फरवरी 2019 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टीकारामपुर के दियारा क्षेत्र में छापेमारी की. रात में पुलिस छापेमारी करने गयी. जहां खुले आम जगह-जगह हथियारों का निर्माण किया जा रहा था. कुल आठ मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया गया. जहां से 5 अर्धनिर्मित देशी पिस्तौल, 2 निर्मित देशी पिस्तौल, 6 पीस जिंदा कारतूस, 8 बेश मसीन, 48 रेती, 30 मैगजीन स्पींग, 75 अर्धनिर्मित मैगजीन सहित आरी पत्ती, हथौडी, स्लेस कागज, स्प्रींग, भाती व अन्य उपकरण बरामद किया गया. पुलिस ने आठ कारीगर मिर्जापुर बरहद निवासी मो. रमजु, मो. हुसैन, मो. औरंगजेब, बिहारी मरर टोला निवासी विनय यादव, शशिधर यादव, बुलू कुमार, राजा कुमार एवं धरहरा थाना क्षेत्र के फुलका गोविंदपुर निवासी उमेश यादव को गिरफ्तार किया.
