राज्य में चौथा स्थान, उपलब्धि मात्र 14.27 प्रतिशत

मुंगेर : गरीबों को अपनी छत का सपना पूरा करने के लिए पिछले एक दशक से सरकार का प्रयास जारी है. यह सही है कि इस योजना का नाम समय के साथ बदलता गया. वर्तमान में इस योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम दिया गया. लेकिन इस योजना की गति मुंगेर में धीमी चल […]

मुंगेर : गरीबों को अपनी छत का सपना पूरा करने के लिए पिछले एक दशक से सरकार का प्रयास जारी है. यह सही है कि इस योजना का नाम समय के साथ बदलता गया. वर्तमान में इस योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम दिया गया. लेकिन इस योजना की गति मुंगेर में धीमी चल रही है. दो वित्तीय वर्ष में मात्र 1368 घर ही पूर्ण हुआ है. बावजूद मुंगेर का स्थान राज्य में चौथा है. लेकिन उपलब्धि मात्र 14.27 है. जो योजना की जिले में हकीकत को बयां कर रही है.

क्या है योजना की हकीकत : वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कुल 9585 आवेदन जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लाभुकों ने जमा किया. जांचोपरांत 8482 आवेदन का रजिस्ट्रेशन किया गया. जिसमें 7853 आवेदन को स्वीकृति प्रदान की गयी है. इस दो वित्तीय वर्ष में मात्र 1368 लाभुकों ने ही आवास का निर्माण पूर्ण किया है. जबकि अधिकांश लाभुक राशि लेने के बावजूद निर्माण कार्य को पूरा नहीं कर रहे. अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. आवास सहायक भी लापरवाह बना है. जिसके कारण लक्ष्य से उपलब्धि काफी दूर है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >