लॉटरी कारोबारी गोपाल साह के साथ ही उसका पुत्र व एक कर्मचारी भी गिरफ्तार
गोपाल के घर मिला 50.53 लाख नकद व 8 लाख के लॉटरी के टिकट
मुंगेर : खड़गपुर मुख्य बाजार से 50 लाख रुपये नकद एवं 8 लाख रुपये के प्रतिबंधित लॉटरी टिकट के साथ गिरफ्तार अंतरजिला लॉटरी माफिया गोपाल कुमार साह खड़गपुर से ही कई जिलों में लॉटरी का संचालन करता रहा है. वह मुंगेर के साथ ही जमुई, बांका, भागलपुर एवं लखीसराय में लॉटरी के कारोबार को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने गोपाल के पुत्र सौरभ कुमार एवं वनवर्षा खड़गपुर निवासी उसका कर्मचारी श्याम कुमार साह को भी गिरफ्तार किया है.
एएसपी हरिशंकर प्रसाद ने बताया कि खड़गपुर बाजार डाकघर के पास गोपाल कुमार साह अपने घर से प्रतिबंधित लॉटरी के खेल को अंजाम देता रहा है. रविवार को गोपाल प्रसाद के घर छापेमारी में पुलिस ने उसके घर से मेड इन नागालेंड ब्रांड के 2, 5 एवं 10 रुपये का 1710 गड्डी लॉटरी बरामद किया. जिसका बाजार मूल्य 8 लाख रुपये के करीब है. जबकि उसके घर से 50 लाख 53 हजार 500 रुपये नकद बरामद किये गये. जिसमें 48 लाख 23 हजार 500 रुपये एवं 2 लाख 30 हजार रुपये का कटा-फटा नोट बरामद किया गया.
साथ ही दो मोबाइल, एक कंप्यूटर सेट, एक प्रिंटर एवं दर्जन भर रजिस्टर बरामद किया गया. पुलिस ने गोपाल कुमार साह के साथ ही उसके पुत्र सौरभ कुमार एवं स्टॉफ श्याम कुमार साह को गिरफ्तार किया है. पुलिस यह पता कर रही है कि क्या सही में लॉटरी टिकट तस्करी कर यहां लाया गया है अथवा उसके नाम पर जाली टिकट है. छापेमारी में खड़गपुर सर्किल इंस्पेक्टर रिजवान अहमद, थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह सहित जिलास्तरीय विशेष टीम के जवान शामिल थे.
घर से ही चलता था लॉटरी का कारोबार : एएसपी ने बताया कि गोपाल कुमार साह जनरल दुकान के थोक कारोबार के आड़ में पिछले कई वर्षों से लॉटरी के कारोबार को अंजाम दे रहा था. वह खड़गपुर अपने आवास से ही लॉटरी का अंतरजिला रैकेट संचालित कर रहा था. मुंगेर के अलावे जमुई, बांका, भागलपुर, लखीसराय में सब डीलर बहाल कर रखा था और उसे कमीशन पर लॉटरी का टिकट उपलब्ध कराता था. इतना ही नहीं कई जिलों में उसने अपना एजेंट भी बहाल कर रखा था.
जब्त पैसे को अपना और लॉटरी टिकट को बता रहा था भाई का : लॉटरी कारोबारी गोपाल कुमार साह काफी शातिर है. उसने बताया कि वह कास्मेटिक एवं जनरल स्टोर में बेचे जाने वाले समानों का थौक कारोबार करता है. जो रुपये पुलिस ने जब्त किया है वह उसी का है. इतनी मात्रा में रुपये जब्त होने की बात पर कहा कि इसी पैसा से समानों की खरीद बिक्री वह करता है. इसलिए वह पैसा घर पर ही रखता है. जब लॉटरी टिकट के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उसका भाई अनिल कुमार साह उर्फ जाली साह लॉटरी टिकट का कारोबार करता है. यह लॉटरी टिकट उसी का है. जब उससे पूछा गया कि आपके घर में यह लॉटरी टिकट कैसे पहुंचा तो उसने चुप्पी साध ली.
बाप के साथ गिरफ्तार बेटे ने कहा, करियर हो गया चौपट
पुलिस ने लॉटरी कारोबार मामले में गोपाल कुमार साह के साथ ही उसके पुत्र सौरभ कुमार को भी गिरफ्तार किया है. सौरभ ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है. थर्ड सेमेस्टर का परीक्षा देकर 2 जून को छुट्टी पर अपने घर आया. मेरे पिता लॉटरी का कारोबार करते हैं यह मुझे पता नहीं है. मैंने एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से कहा कि मैं पढ़ने वाला छात्र हूं. आप पता कर लें. लेकिन पुलिस पदाधिकारी ने मेरी एक नहीं सुनी और मुझे भी गिरफ्तार कर लिया. अब मेरा कैरियर ही चौपट हो जायेगा. गोपाल कुमार साह ने बताया कि इस धंधे से उसका कोई लेना-देना नहीं था. वह पिछले कई वर्षों से बाहर रहकर पढ़ाई करता है. लेकिन पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया. उसका भविष्य चौपट हो गया. इधर पुलिस का मानना है कि सौरभ पिता के कारोबार में सहयोग करता था. जिसके कारण उसे गिरफ्तार किया गया.
अवैध लॉटरी से जमा की है अकूत संपत्ति
बताया जाता है कि मुख्य बाजार गांधी पुल के पास गोपाल कुमार साह का घर है. पूर्व के वर्षों में गोपाल अपने भाई अनिल कुमार साह उर्फ जाली साह के सहयोग से लॉटरी कारोबार को संचालित करता था. इसमें उसका पूरा परिवार सहयोगी के रूप में काम करता था. इस कारोबार से गोपाल साह ने अकूत संपत्ति अर्जित की. एक करोड़ से अधिक की लागत से उसने थाना के पास मुख्य बाजार में घर बनाया और वहीं से कारोबार को संचालित करने लगा. गोपाल का भाई जाली साह लॉटरी कारोबार में कई बार जेल जा चुका है. हाल में ही वह जेल से छूट कर बाहर निकला है.
