मुंगेर : शहर में सफाई एवं डोर टू डोर कचरा संग्रह में लापरवाही बरतने वाले एनजीओ महिला विकास संस्था का एकरारनामा रद्द कर दिया गया है. निगम प्रशासन ने अपने पत्रांक 1249, दिनांक 5 मई 2018 के आलोक में कहा है कि जिलाधिकारी द्वारा विगत 25 अप्रैल को हुए बैठक में सफाई कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिया गया था. लेकिन ग्रुप सी के एनजीओ महिला विकास संस्था सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया और बाध्य होकर निगम प्रशासन ने एकरारनामा रद्द करते हुए ग्रुप सी वार्ड की सफाई दूसरे एनजीओ को सौंप दिया है.
दो एनजीओ करेगा 31-45 वार्ड की सफाई : ग्रुप सी के एनजीओ का एकरारनामा रद्द होने के बाद वार्ड 31-45 वार्ड की सफाई दो एनजीओ के हाथों सौंप दिया गया. जिसमें सफल वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी को वार्ड 31-40 एवं जीवन ज्योति सोताडीह बांका को वार्ड 41-45 वार्ड में सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. अर्थात अब सफल वेलफेयर शहर के 25 तथा जीवन ज्योति 20 वार्डों की सफाई करेगा. इसके तहत एनजीओ को डोर टू डोर कचरा संग्रह से लेकर नालों की सफाई व कूड़े का उठाव करना है.
तीन एनजीओ को मिला था जिम्मा, महिला विकास संस्था का एकरारनामा रद्द
नयी सफाई व्यवस्था के तहत नगर निगम ने शहर के 45 वार्डों को तीन ग्रुप में विभक्त कर तीन एनजीओ को सफाई का जिम्मा सौंपा था. जिसमें जीवन ज्योति सोताडीह बांका को ग्रुप ए यानी वार्ड 1-15, सफल एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी को ग्रुप बी वार्ड 16-30 एवं महिला विकास संस्था को ग्रुप सी वार्ड 31-45 वार्ड शामिल है. लेकिन महिला विकास संस्था द्वारा सफाई कार्य एवं डोर टू डोर कचरा संग्रह में लापरवाही बरती जा रही थी और निगम प्रशासन द्वारा बार-बार नोटिस देने के बावजूद सफाई कार्य में सुधार नहीं किया गया. गत माह हुए निगम बोर्ड की बैठक में ही महिला विकास संस्था के एकरारनामा को रद्द करने का लिया गया था. इसके साथ ही गत माह 25 अप्रैल को जब सफाईकर्मियों ने हड़ताल की थी तो आंदोलन को समाप्त कराने के लिए जिलाधिकारी ने खुद कमान संभाला. जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि सफाई कार्य में सुधार लाएं. अन्यथा कार्रवाई की जायेगी. जिसके आलोक में निगम प्रशासन ने महिला विकास संस्था के एकरारनामा को रद्द कर दिया गया.
मजदूरों के पारिश्रमिक का नहीं हुआ भुगतान
मुंगेर. महिला विकास संस्था एनजीओ के तहत कार्य करने वाले सफाई मजदूरों के फरवरी माह के पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है. जबकि नगर निगम ने संबंधित एनजीओ को फरवरी माह के विपत्र का भुगतान कर दिया है. इस परिप्रेक्ष्य में नगर आयुक्त श्यामल किशोर पाठक ने संबंधित एनजीओ के सचिव को नोटिस भेज कर कहा है कि फरवरी माह की राशि प्राप्त होने के बावजूद श्रमिकों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जाना अनियमितता है. इसलिए तत्काल एकरारनामा एवं कार्यादेश के अनुरूप श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित करें.
