झोले में ले जा रहे थे शराब अनिल चौधरी दोषी करार
मुंगेर : मुंगेर के अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सह उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश त्रिभुवन नाथ ने 248 पाउच देसी शराब बरामदगी के मामले में मुंगेर शहर के कृष्णापुरी पूरबसराय निवासी अनिल चौधरी को उत्पाद अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत बुधवार को दोषी करार दिया. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बहस में भाग लिया. सजा के बिंदु पर सोमवार को सुनवाई होगी.
बताया जाता है कि 15 सितंबर 2017 को किला क्षेत्र स्थित सेल टैक्स कार्यालय के समीप सड़क किनारे एक फेरी वाला साइकिल से कचरा का समान टूटा-फूटा रखकर ले जा रहा था. जिसके पीछे कैरियर में प्लास्टिक का झोला लटका हुआ था. उस कचरे में ही छिपाकर 200 एमएल का 248 पाउच देसी शराब ले जा रहा था. जिसे पुलिस ने रंगेहाथ पकड़ा था. इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने कांड संख्या 309/17 दर्ज की थी. जिसमें उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर विद्वान न्यायाधीश ने अनिल चौधरी को उत्पाद अधिनियम के मामले में दोषी करार दिया.
सुझाव पर काम हो तो, बदल जायेगी निगम क्षेत्र की सूरत
मनोरंजन के क्षेत्र में होगा विकास
हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर मंथन और कोशिशें शुरू ही हुई है, लेकिन इसको लेकर अटकले भी प्रारंभ हो गयी है. दरअसल शहर में शिक्षा, चिकित्सा, मॉल, सिक्स लेन सड़कें बन गयी है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों के लिये वाकिंग स्पॉट, बच्चों के वाटर प्ले स्पॉट के अभाव में स्थानीय लोगो को बंगाल, नेपाल और बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है. इस प्रस्ताव पर निगम की कोशिशों को अगर सरकार और विभाग का साथ मिलता है. यह योजना शहर में फलीभूत होती है तो रिवर फ्रंट, वाटर प्ले स्पॉट और वाकिंग प्लेस के रूप में एक बड़ा तोहफा शहर के लोगों को मिलेगा. नि:संदेह इससे शहर की सूरत बदल जायेगी और आस पास के इलाके से भी लोग यहां घूमने आयेंगे. कभी कालापानी के रूप में चर्चित रहा पूर्णिया लगातार बदल रहा है और इन योजनाओं को मूर्त रूप मिलने से हर तरफ बदलाव नजर आयेगा.
ट्रैफिक भार होगा कम, यातायात सुलभ
शहर में ट्रैफिक की समस्या नासूर बन चुकी है. इसको लेकर कई योजनाएं बनी भी लेकिन कारगर साबित नहीं हुई. इस बीच हादसों की संख्या भी लगातार बढ़ी है. दिनों दिन शहर की जनसंख्या बढ़ गयी है तो यातायात की समस्या भी बढ़ रही है. इस प्रस्तावित योजना के तहत अगर सिटी पुल से जमींदारी बांध तक सड़क का निर्माण होता है तो मुख्य सड़क का भार कम होगा और जाम की समस्या के साथ हादसों में भी कमी आयेगी. वही दूसरी तरफ रिवर स्पॉट के निर्माण से शहर के इस इलाके में आवागमन बढ़ने से इन इलाके का विकास होगा.
बोर्ड में आये नये प्रस्ताव
बोर्ड की बैठक में पार्षदों द्वारा कई प्रस्ताव रखे गये. इसमें सबसे महत्वपूर्ण सिटी पुल से लेकर बेलौरी पुल तक बांध पर सड़क का निर्माण और इससे जुड़ी नहरों में पानी जिसमें शहर के बच्चों के लिये वाटर प्ले की व्यवस्था हो सके, शामिल था. इसके साथ ही इस सड़क को वाकिंग रोड में तब्दील कर सुबह-सवेरे मॉर्निंग वाक करने वालों के लिये एक रिवर फ्रंट के रूप में विकसित करना है. हालांकि इस प्रोजेक्ट को लेकर निगम के पास बजट की कमी आड़े आ रही है. बावजूद इसके महापौर ने इसका प्रपोजल सरकार और नगर विकास विभाग को भेजने को लेकर अपनी कोशिशें शुरू कर दी है.
बोर्ड में लिये गये सभी फैसलों पर शीघ्र कार्य प्रारंभ होगा. मंगलवार को बोर्ड की बैठक में आये प्रस्तावों पर मंथन शुरू है. जल्द ही इसका कार्य प्रारूप तैयार कर सरकार और विभाग को भेजा जायेगा. निगम शहर को संवारने और बड़े शहरों के तर्ज पर अपने शहर में भी सुविधा उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है.
विभा कुमारी, मेयर, पूर्णिया नगर निगम
