राज्य जल पर्षद को प्रथम आवंटित किस्त 1.7 करोड़ की राशि हस्तांतरित
मुंगेर : नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए शहर के लाल दरवाजा स्थित विद्युत शवदाह गृह का जीर्णोद्धार कार्य शुरू हो गया है. 2 करोड़ 15 लाख 12 हजार 600 रुपये की लागत से इसका जीर्णोद्धार किया जायेगा. लोगों में उम्मीद जगी है कि पिछले कई वर्षों से बंद विद्युत शवदाह गृह अब पुन: चालू होगी. इससे गंगा को प्रदूषण होने से बचाया जा सकेगा और गंगा नदी में शव को प्रवाहित भी नहीं किया जायेगा. नगर निगम ने बिहार राज्य जल पर्षद बोर्ड को विद्युत शवदाह गृह के लिए विभागीय आवंटन से प्राप्त 1 करोड़ 7 लाख 56 हजार 300 रुपये हस्तांतरित भी कर दिया है.
1987 में हुआ था विद्युत शवदाह गृह का निर्माण : वर्ष 1987 में मुंगेर लाल दरवाजा गंगा घाट के समीप विद्युत शवदाह गृह का निर्माण विश्वास बोर्ड द्वारा 44 लाख 12 हजार की लागत से किया गया था. 1987 से लेकर 1997 तक विश्वास बोर्ड के अंदर शवदाह का कार्य हुआ. 1997 में विश्वास बोर्ड ने नगर निगम को शवदाह गृह के संचालन के लिए हस्तांतरित कर दिया. लेकिन निगम द्वारा वर्ष 2004 तक शव का अंतिम संस्कार किया गया. शवदाह गृह में तकनीकी कारण से खराबी आ गयी और दिन-प्रतिदिन शवदाह गृह के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया.
खराब मशीनें, जर्जर भवन
शवदाह गृह में लगायी गयी सभी मशीनें खराब है. विद्युत ट्रांसफॉर्मर से लेकर शव जलाने के लिए लगाया गया भट्टी का स्टार्टर भी खराब है. काफी दिनों से बंद रहने के कारण मशीनें धूल फांक रही है. वहीं शवदाह गृह का भवन भी जर्जर हो गया है. अब जबकि विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कार्य शुरू किया गया. जिससे लोगों में उम्मीद जगी है कि अब शव के अंतिम संस्कार के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा और गंगा को प्रदूषित होने से भी बचाया जा सकेगा.
कहते हैं नगर आयुक्त
नगर आयुक्त डा. श्यामल किशोर पाठक ने बताया कि लगभग दो करोड़ की लागत से इसका जीर्णोद्धार कार्य शुरू हो गया है. इसके लिए बिहार राज्य जल पर्षद बोर्ड को 1 करोड़ 7 लाख 56 हजार 300 रुपये हस्तांतरित भी कर दिया गया है.
