जेल से मोबाइल पर घटना को अंजाम दे रहे अपराधी, हो चुकी है कई बार पुष्टि

मुंगेर : मंडल कारा अपराधियों के लिए सेफ जोन बन चुका है. जहां से अपराधी मोबाइल के माध्यम से रंगदारी, हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है. हाल के दिनों में मुंगेर शहर के सादीपुर में हुए दोहरे हत्याकांड एवं जमालपुर में एक रेलकर्मी सहित दो लोगों के हत्या की पूरी साजिश भी जेल […]

मुंगेर : मंडल कारा अपराधियों के लिए सेफ जोन बन चुका है. जहां से अपराधी मोबाइल के माध्यम से रंगदारी, हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है. हाल के दिनों में मुंगेर शहर के सादीपुर में हुए दोहरे हत्याकांड एवं जमालपुर में एक रेलकर्मी सहित दो लोगों के हत्या की पूरी साजिश भी जेल से रची गयी थी. जबकि स्वर्ण व्यवसायी गोलीकांड को भी जेल में बंद कुख्यात अपराधी द्वारा ही अंजाम दिलाया गया. ताकि दहशतजदा स्वर्ण व्यवसायी से रंगदारी आसानी से वसूली की जा सके. इसे पुलिस भी मान रही है.

मुंगेर मंडल कारा से अपराध संचालित हो रहा है. इसकी पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर कई बार हो चुकी है. रंगदारी, लूट जैसी वारदात को जेल में बंद अपराधी खुलेआम अंजाम दिलवा रहा है. 15 फरवरी को कोतवाली थाना क्षेत्र के सादीपुर में घर पर अकेले रह रहे सेवानिवृत्त सीओ दंपती राजनितिक प्रसाद कुंवर और उनकी पत्नी कांती देवी की अपराधियों ने गला रेत कर हत्या कर दी. पुलिसिया अनुसंधान में सामने आया कि भूमि विवाद में इस वारदात को अंजाम दिया गया है और जेल में बंद एक अपराधी ने हत्या की सुपारी ली थी.
23 फरवरी को अपराधियों ने जमालपुर में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर पुलिसिया तंत्र पर सवाल खड़ा कर दिया. मरने वालों में नंदन कुमार साह एवं राकेश कुमार शामिल है. बताया जाता है कि नंदन कुमार साह ने राकेश के सहयोग से अपनी बहन को जेल में बंद कुख्यात अपराधी अमित मंडल की मां के खिलाफ नप अध्यक्ष पद पर खड़ा किया था. जिसके बाद दोनों में दुश्मनी हो गयी थी. अब जबकि नंदन व राकेश की गोली मार कर हत्या कर दी गयी तो हत्या का सीधा आरोप नप चुनाव से जोड़ कर अमित मंडल पर लग रहा है. हाल ही में स्वर्ण व्यवसायी संदीप कुमार को गोली मार कर अपराधियों ने घायल कर दिया. जिसकी पूरी रणनीति जेल में बंद कुख्यात अपराधी पवन मंडल ने रचा था. उसने अपने गुर्गों से पहले रिद्धि-सिद्धि ज्वेलर्स से रंगदारी में 50 लाख रूपया मांगा और नहीं देने पर सामने के स्वर्ण दुकान पर गोलीबारी करवाया. जिसमें संदीप कुमार घायल हो गया. अपराधियों का मकसद था कि रंगदारी की राशि आसानी से वसूली जा सके. यह खुलासा होते ही इस घटना में शामिल पवन मंडल का गुर्गा किशन कुमार, दीपक शर्मा एवं गोलू को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. विदित हो कि दो वर्ष पूर्व भी जेल में बंद कुख्यात अपराधी पवन मंडल ने उत्तम मंडल की हत्या अपने गुर्गों से एसपी ऑफिस के सामने दिनदहाड़े करवा दिया था. साथ ही सूरज साह उर्फ झड़कहवा एवं उसकी मां मीना देवी हत्याकांड की योजना भी जेल से ही रची गयी थी. इतना ही लोहची में एक स्वर्ण व्यवसायी से दो लाख की रंगदारी जेल में बंद अपराधी ने अपने गुर्गा से मंगवाया था.

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