सदर अस्पताल में तैनात सिक्यूरिटी सुरक्षा गार्डों ने जिलाधिकारी से लगाया गुहार
मुंगेर : पिछले एक सप्ताह से चल रहे मरीज मित्र कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह शुक्रवार को भी स्वास्थ्य सेवा का जायजा लेने सदर अस्पताल पहुंचे़ जहां उन्होंने विभिन्न ओपीडी में चिकित्सकों के उपस्थिति का जायजा लिया. इसी क्रम में अस्पताल में तैनात किये गये इगल सिक्यूरिटी के कुछ सुरक्षा गार्ड जिलाधिकारी के समीप पहुंच गये तथा उनसे गुहार लगाते हुए कहा कि एजेंसी द्वारा उनलोगों के साथ शोषण किया जा रहा है़ सुरक्षा गार्ड द्वारा एक लिखित शिकायत पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया़
सुरक्षा गार्ड मनीष कुमार, मो. अलाउद्दीन, मो. इकबाल हुसैन, नंदन साव, मो. जावेद सहित अन्य ने बताया कि 1 सितंबर 2016 से वे लोग सदर अस्पताल में सेवा दे रहे हैं. वैसे तो सुरक्षा गार्ड में सिर्फ भूतपूर्व सैनिक को बहाल किया जाना था़ किंतु इसमें अधिकांश सिविलियन को रख लिया गया है़ जिसके कारण सिक्यूरिटी एजेंसी बहुत अधिक कमीशनखोरी करने लगा़ इतना ही नहीं सरकार द्वारा भूतपूर्व सैनिक के सिक्यूरिटी सुपरवाइजर के लिए 15400 रुपये, गनमैन के लिए 15400 रुपये व डंडाधरी गार्ड के लिए 12800 रुपये दिये जाते हैं,
किंतु एजेंसी द्वारा भूतपूर्व सैनिक के सिक्यूरिटी सुपरवाइजर को 10000 रुपये, गन मैन को 10000 रुपये व डंडाधरी गार्ड को 8000 रुपये का भुगतान किया जाता है़ वहीं सिविलियन गनमैन को 10000 रुपये तथा डंडाधारी गार्ड को 6000 रुपये का भुगतान किया जाता है़ 18 महीना बीत जाने के बावजूद भी सुरक्षा गार्डों को न तो इपीएफ का लाभ दिया जा रहा है और न ही बीमा का. जो कि सरकार के नियमों का न सिर्फ खुला उल्लंघन है, बल्कि एक बहुत बड़ा घोटाला भी है़ जिसकी जांच होनी चाहिए़ इस पर जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए श्रम अधीक्षक को जांच का निर्देश दिया है़
