कृषि सलाहकार के कहने पर खरीदा था बीज
अब कह रहे कंपनी पर दर्ज कराओ शिकायत
मुंगेर : सदर प्रखंड के गंगापार तारापुर दियारा में 200 एकड़ से अधिक जमीन पर किसानों ने एक-एक पाई जोड़ कर मकई बीज की बुआई की. लेकिन जब फसल उत्पादन का समय आया तो दानाविहीन फसल देख कर किसानों के आंखों से आंसू निकल आये. एक ओर जहां बीज दुकानदार व कंपनी किसानों को झूठा सब्जबाग दिखाने में लगे हैं. वहीं अधिकारी अनजान बने हुए हैं. जिसके कारण किसानों को कुछ समझ नहीं आ रहा है.
मकई की बालियां सूनी, किसान परेशान : दानाविहीन फसल उन किसानों के खेत से निकल रहे हैं. जिन्होंने सरकार द्वारा प्रमाणित अनुदानित दर पर मिले बीज का इस्तेमाल किया. खेत में लगे फसल काफी तंदुरुस्त है. जिसे देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि मकई के पौधे में उगे बलियां में दाना होगा. एक-एक पौधा में चार-चार बालिया निकला. किसान काफी खुश दिख रहे थे. लेकिन बलियां की परत हटाते ही किसानों के होश उड़ गये. क्योंकि एक भी बलियां में दाना नहीं लगा था. जिसके किसानों परेशान हो गये है. उन्हें कुछ सुझ नहीं रहा है कि आखिर वह करें तो क्या करें.
200 एकड़ में लगा मक्का फसल हुआ बेकार: बताया जाता है कि सदर प्रखंड के मनियारचक, टोटहा, सिल्हा, रामदिरी, नाथटोला एवं महेशपुर के किसानों का खेत गंगा पार तारापुर दियारा क्षेत्र में पड़ता है. किसानों ने दुधैला, गड़गड़िया, चक्की, जरलहिया बहियार में किसानों ने लगभग 200 एकड़ में बड़े अरमान से मकई की खेती की. समय पर बुआई, सिचांई किया और खाद डाला. लेकिन फसल उत्पादन की बात आयी तो मकई की बलियां में दाना नहीं लगा. जिसके कारण खेतों में लगा मकई का फसल पुरी तरह बेकार हो गया.
किसानों ने कहा, हम तो जीते-जी मर गये: किसान मनियाचक निवासी सुधीर मंडल, हलेश्वर मंडल, विष्णुदेव मंडल, रामदिरी के दिनेश मंडल, टोटहा के अवधेश मंडल ने कहा कि हमलोगों का मुख्य पेशा कृषि है. कर्ज लेकर खेती किया. लेकिन फसल में दाना नहीं आया. हमलोग तो जीते-जी मर गये. अब हमलोग क्या करें, कहां जाय, कौन हमारी सुनेगा कुछ समझ में नहीं आता है. क्योंकि हमलोगों के पास तो रसीद तक नहीं है.
किसान सलाहकार व दुकानदार किसानों को बना रहे मूर्ख
किसानों ने बताया कि हमलोग 100 से अधिक किसान है. जिसके खेत में लगे मकई फसल में दाना नहीं आया. किसान सलाहकार राजीव शर्मा ने हमलोगों से मुलाकात की और कहा कि माइक्रो कंपनी का माइक्रो 4060 मक्का बीज सरकार द्वारा प्रमाणित है और इस पर आपको अनुदान मिलेगा. उन्होंने कहा कि न्यू कुशवाहा कृषि केंद्र पूरबसराय के पास यह बीज उपलब्ध है. इसलिए आपलोग उसी दुकान से बीज की खरीद करें. उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ 16 किलो बीज दिया जायेगा. प्रतिकिलो 250 रूपया बीज मिलेगा. जिस पर 100 रूपया सरकारी अनुदान मिलेगा. हमलोगों ने किसान सलाहकार द्वारा बताये दुकान से बीज खरीदा. रसीद किसान सलाहकार ने यह कह कर ले लिया कि रसीद जमा करेंगे तो आपकों अनुदान की राशि एक-दो माह में मिल जायेगी. अब जबकि मकई की बालियां में दाना नहीं आया तो हमलोगों ने किसान सलाहकार से शिकायत किया और कहा कि आप रसीद दे. हमलोग जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे. लेकिन अब वह कहता है आरटीआइ से रसीद मांगों. दुकानदार को कुछ नहीं कहो, कंपनी के खिलाफ जो करना है करो. अब तो कृषि सलाहकार का फोन ही नहीं लगता है. जबकि दुकानदार राजेश कुशवाहा ने कहा कि कंपनी को शिकायत कर दिया गया है. पटना व हैदराबाद से कृषि वैज्ञानिक आकर जांच करेंगे. अब हम किसान क्या करेंगे.
किसान पहले लिखित शिकायत करें, तभी कुछ होगा
जिला कृषि पदाधिकारी महेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हम भी यह सुन रहे हैं. लेकिन हम क्या करें. क्योंकि किसी ने इसकी शिकायत अबतक किसी ने नहीं किया है. सरकारी विभाग है लिखित शिकायत किसान करेंगे तभी हम कुछ कर पायेंगे. वैसे हम पटना जा रहे है. वहां से आने पर ही कुछ कह सकते हैं.
