आयोजन. जिले के प्रभारी मंत्री सह उद्योग मंत्री ने विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस कार्यक्रम का किया उद्घाटन
किसानों के बीच वितरित हुआ मृदा स्वास्थ्य कार्ड
मुंगेर : बिहार के किसान सब्जी उत्पादन के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण में भी अन्य राज्यों से आगे है. किंतु उन्हें बड़े उद्योग व विकसित बाजार का लाभ नहीं मिल पा रहा है़ बिहार में खाद्य प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं हैं. इसके लिए जल्द ही राज्य के विभिन्न जिलों में उद्योग स्थापित किये जायेंगे. साथ ही किसानों को विकसित बाजार भी उपलब्ध कराया जायेगा़ ये बातें राज्य के उद्योग मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री जय कुमार सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र मुंगेर में विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों से कही़ इससे पूर्व उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया़
मौके पर जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह, आत्मा के परियोजना निदेशक एबी सिंह, डीएओ महेश प्रसाद सिंह, डीडीएम नबार्ड संजीव कुमार, कृषि महाविद्यालय सबौर भागलपुर के प्राचार्य डॉ आरपी शर्मा, केवीके के प्रधान सह वरीय वैज्ञानिक मुकेश कुमार मुख्य रूप से मौजूद थे़
मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली 35 प्रतिशत सब्सिडी को लेकर दूसरे राज्य के लोग बिहार में राइस मिल स्थापित कर रहे हैं. गन्ना उद्योग का भी विकास हुआ है़ टेक्नोलॉजी विकसित होने के कारण आज मिट्टी का जांच आसान हो गया है़ जिले भर के किसान अपने मिट्टी का नमूना कृषि विज्ञान केंद्र में पहुंचायें, उन्हें एक सप्ताह के भीतर उनके खेतों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा़ जिससे उन्हें अपने खेतों में उर्वरक के उपयोग का सही ज्ञान हो पायेगा़ अंत में उन्होंने कहा कि किसानों के समृद्धि से ही देश व राज्य समृद्ध हो पायेगा़
मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने में मुंगेर राज्य में अव्वल : जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने में मुंगेर जिला बिहार में सबसे आगे है. अब यहां के किसानों को कृषि में काफी लाभ मिलेगा़ किसान जरूरत के अनुसार अपने खेतों में उर्वरक का इस्तेमाल करेंगे़ उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के माध्यम से पूरा देश कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो चुका है़ यहां के किसानों की मेहनत व वैज्ञानिकों के सफल अनुसंधान को देख कर देश के राष्ट्रपति ने कहा है कि अगली हरितक्रांति बिहार से ही आरंभ होगी़ वहीं मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि धान उत्पादन में हम चायना को भी पीछे छोड़ चुके हैं.
