खुलेगा मदर केयर सेंटर

सदर अस्पताल. रोगी विश्रामालय में होगी व्यवस्था निरीक्षण राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सदर अस्पताल का किया निरीक्षण, दिये कई आवश्यक दिशा निर्देश मुंगेर : राज्य स्वास्थ्य विभाग की दो अलग-अलग टीम ने गुरुवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया़ निरीक्षण के दौरान राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी शिशु स्वास्थ्य डॉ सुरेंद्र ने सदर अस्पताल स्थित प्रसव केंद्र, […]

सदर अस्पताल. रोगी विश्रामालय में होगी व्यवस्था

निरीक्षण
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सदर अस्पताल का किया निरीक्षण, दिये कई आवश्यक दिशा निर्देश
मुंगेर : राज्य स्वास्थ्य विभाग की दो अलग-अलग टीम ने गुरुवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया़ निरीक्षण के दौरान राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी शिशु स्वास्थ्य डॉ सुरेंद्र ने सदर अस्पताल स्थित प्रसव केंद्र, पोषण पुनर्वास केंद्र तथा एसएनसीयू की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया़ इसके साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये. उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर स्थित रोगी विश्रामालय में मदर केयर सेंटर खोला जायेगा. मौके पर सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ, डीएस डॉ राकेश कुमार सिन्हा, डीपीएम मो नसीम रजी सहित अन्य मौजूद थे़
रोगी विश्रामालय के आधे भाग में खुलेगा मदर केयर सेंटर: राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी शिशु स्वास्थ्य डॉ सुरेंद्र ने प्रसव केंद्र के निरीक्षण के दौरान वहां पर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया़ प्रसव केंद्र के जिस कक्ष को मदर केयर सेंटर के लिए बनाया गया था़ उसमें वर्तमान समय में प्रतिरक्षण का कार्य संचालित हो रहा है. इसके बाद उन्होंने कहा कि मदर केयर की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए़ उन्होंने प्रसव केंद्र के सामने बने रोगी विश्रामालय के आधे भाग में मदर केयर सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया़
डीएस आवास में स्थानांतरित होगा एनआरसी : राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा को निर्देश दिया कि पोषण पुनर्वास केंद्र को अविलंब डीएस आवास में स्थानांतरित किया जाये़ वर्तमान में जिस भवन में पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित हो रहा है, वह अत्यंत जर्जर हो चुका है़ इसके अलावे बच्चे तथा उसकी माताओं को भी बार-बार ऊपर-नीचे करने की परेशानी से बचाया जा सकेगा़ साथ ही हर समय केंद्र पदाधिकारियों के नजर में रहेगा़
एसएनसीयू के बाहर बनेगा वेटिंग शेड
निरीक्षण के दौरान जब राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी शिशु स्वास्थ्य एसएनसीयू पहुंचे तो वहां की व्यवस्था को देख वे काफी खुश हुए, पर एसएनसीयू के भीतर शिशु व माता के अलावे अन्य परिजनों को देख उन्होंने इस पर पाबंदी लगाने को कहा़ उन्होंने कहा कि एसएनसीयू के बाहर एक शेड का निर्माण कर दिया जाये़ जहां पर जच्चा-बच्चा के परिजन वेटिंग कर सके़ं साथ ही उन्होंने एसएनसीयू के नोडल पदाधिकारी डॉ बहावउद्दीन को निर्देश दिया कि प्रतिदिन कम से कम दो बार वे खुद से एसएनसीयू का निरीक्षण करें, ताकि बच्चों के केयर में कोई चूक न रहे़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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