एफआइआर दर्ज नहीं करने पर थानाध्यक्ष निलंबित

डीआइजी ने असरगंज थानाध्यक्ष को किया निलंबित विभागीय कार्रवाई का भी दिया आदेश मुंगेर : आदेश के बावजूद एफआइआर दर्ज नहीं करना असरगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार साहनी को महंगा पड़ा. पुलिस उप महानिरीक्षक विकास वैभव ने शनिवार को उन्हें निलंबित कर दिया और पुलिस अधीक्षक को भी विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया. दो अन्य […]

डीआइजी ने असरगंज थानाध्यक्ष को किया निलंबित

विभागीय कार्रवाई का भी दिया आदेश
मुंगेर : आदेश के बावजूद एफआइआर दर्ज नहीं करना असरगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार साहनी को महंगा पड़ा. पुलिस उप महानिरीक्षक विकास वैभव ने शनिवार को उन्हें निलंबित कर दिया और पुलिस अधीक्षक को भी विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया. दो अन्य थानेदारों को वार्निंग देकर यह कहते हुए छोड़ दिया कि जनता के लिए पुलिस है न कि पुलिस के लिए जनता. इसका विशेष ख्याल रखा जाये.
बताया जाता है कि एक मारपीट के मामले में असरगंज से कुछ लोग पिछले शनिवार को डीआइजी विकास वैभव को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि असरगंज थानाध्यक्ष प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रहे हैं. डीआइजी ने आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देते हुए आवेदक को असरगंज थाना भेज दिया. पुन: शनिवार को आवेदक डीआइजी के पास आ पहुंचे. फिर वही शिकायत की कि थानाध्यक्ष प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रहे हैं. इस पर डीआइजी ने तत्काल प्रभाव से असरगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार साहनी को निलंबित कर दिया.
क्या है मामला : असरगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी नवीन सिंह की पत्नी उषा देवी ने डीआइजी को एक ज्ञापन सौंपा. इसमें उसने कहा है कि चितरंजन सिंह उर्फ दीपक कुमार सिंह, अमित सिंह, आशीष कुमार सिंह आदि ने एक नवंबर को मेरे पूरे परिवार वालों के साथ बुरी तरह मारपीट की और महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार किया. इसकी लिखित शिकायत थानाध्यक्ष असरगंज को दी.
असरगंज अस्पताल में इलाज भी हुआ. थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. इसके बाद मैंने आपके पास लिखित शिकायत की. आपके द्वारा थाना जाकर मिलने को कहा गया. जब उन व्यक्तियों को पता चला कि आपके समक्ष लिखवाकर आवेदन थाना पुन: दिया गया तो आरोपितों ने सहयोगियों के साथ सात नवंबर को पुन: हमलोगों के साथ मारपीट की व घर से बेघर कर दिया. जमीन भी जोत लिया. बचाव में हम लोगों को भी चोटें आयी. उनलोगों के आवेदन पर असरगंज थानाध्यक्ष मुकदमा कर हमलोगों को ही परेशान करने लगे. घर पर मेरी बूढ़ी सास व गाय-माल है. अब वे लोग मां को धमका रहे हैं कि गाय-माल को भी क्षति पहुंचा देंगे.अगर आदेशानुसार प्राथमिकी दर्ज कर दी जाती तो फिर यह नौबत आती ही नहीं.

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