अस्पताल में नहीं, नर्सिंग होम में इलाज कराने में जुटे हैं सरकारी चिकित्सक
मुंगेर : सदर अस्पताल मुंगेर में व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. प्रशासनिक व्यवस्था नाम की चीज यहां नहीं रह गयी है. अस्पताल में इलाज करने से सरकारी चिकित्सक कतराते हैं, लेकिन वही चिकित्सक अपने नर्सिंग होम में अस्पताल के मरीज को बुलाकर इलाज करने में उन्हें कोई परहेज नहीं है. इस व्यवस्था को […]
मुंगेर : सदर अस्पताल मुंगेर में व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. प्रशासनिक व्यवस्था नाम की चीज यहां नहीं रह गयी है. अस्पताल में इलाज करने से सरकारी चिकित्सक कतराते हैं, लेकिन वही चिकित्सक अपने नर्सिंग होम में अस्पताल के मरीज को बुलाकर इलाज करने में उन्हें कोई परहेज नहीं है. इस व्यवस्था को रोकने में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग कारगर नहीं हो पा रहा. सबसे खराब स्थिति प्रसव वार्ड की है जो पूरी तरह से एएनएम के हवाले है.
सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में महिला चिकित्सका पदाधिकारी डॉ निर्मला गुप्ता तैनात है जो अस्पताल के अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर में ऑपरेशन नहीं कर अपने निजी नर्सिंग होम में प्रसव पीड़ित महिला का ऑपरेशन बेधड़क करती है. पूरा सदर अस्पताल दलालों के चंगुल में फंसा हुआ है. यहां चिकित्सक तो मरीज को अपने निजी नर्सिंग होम में बुलाते ही है. वहीं कई चिकित्सक व कर्मचारी एवं दलाल यहां है तो मरीजों को निजी नर्सिंग होम में भेजने का काम करते हैं. इसके एवज में उन्हें उक्त नर्सिंग होम संचालक द्वारा मोटी रकम दी जाती है.
सरकार के स्वास्थ्य योजना की निकल रही हवा : एक ओर सरकार सुरक्षित प्रसव को लेकर अस्पताल में ही समान्य व सिजेरियन प्रसव के लिए योजना चला रही है. मोटी रकम देकर ऑन कॉल चिकित्सक को बुलाकर सिजेरियन करने का दंभ भर रही है. वहीं सदर स्पताल में सरकार की स्वास्थ्य योजना की हवा निकल रही है.
हर हाल में प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं का सदर अस्पताल में ही सामान्य व सिजेरियन प्रसव कराया जाना है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ फुलेश्वर झा द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति को भेजे गये निर्देश में कहा गया है कि मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिले के सरकारी अस्पतालों में सी-सेक्शन की सुविधा देना वांछनीय है. जहां प्रथम रेफरल इकाई पर विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं तथा वहां सिजेरियन सेक्शन प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी विशेषज्ञ चिकित्सक को ऑन-कॉल बुलाया जा सकता है़ इसके लिए प्रति सिजेरियन प्रसव का 10 हजार रुपये भुगतान किया जायेगा़