World Population Day: शहर के कॉलेज रोड स्थित केसीटीसी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बढ़ती जनसंख्या, संसाधनों के संतुलन और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.
शिक्षा और जागरूकता को बताया सबसे जरूरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संत साह ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. प्रेम प्रकाश ने किया.
अपने संबोधन में प्राचार्य ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या आज वैश्विक स्तर की बड़ी चुनौती बन चुकी है. जनसंख्या और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए शिक्षा, जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता बेहद आवश्यक है. उन्होंने युवाओं से समाज में जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया.
परिवार नियोजन और महिला शिक्षा पर जोर
मुख्य वक्ता डॉ. पी. के. चक्रवर्ती ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि का सीधा असर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और आर्थिक विकास पर पड़ता है. उन्होंने परिवार नियोजन, महिला शिक्षा और जनजागरूकता को सतत विकास की आधारशिला बताया.
उन्होंने अपने गायन के माध्यम से भी उपस्थित लोगों को जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया.
युवा बन सकते हैं देश की सबसे बड़ी ताकत
दूसरे मुख्य वक्ता डॉ. अर्जुन प्रताप सिंह ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है. यदि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा मिले तो बढ़ती जनसंख्या बोझ नहीं, बल्कि देश के विकास की सबसे बड़ी शक्ति बन सकती है.
उन्होंने युवाओं से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
छात्र-छात्राओं ने भी लिया हिस्सा
कार्यक्रम में डॉ. जीछू पासवान, प्रदीप श्रीवास्तव, सुमन बंतावा, प्रो. डॉ. राज कुमार सहनी, राम कुमार साह सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे.
वहीं छात्र-छात्राओं की ओर से सोमेश्वर कुमार यादव, शुभम, समर, नारायण, सिमरन, प्रकृति, प्रिय समेत अन्य विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
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