Motihari News: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद उफान पर आई सिकरहना, बंगरी, तिलावे और दुधौरा नदियों के जलस्तर में मंगलवार से गिरावट दर्ज की गई है. पानी कम होने के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है.
पिछले कुछ दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के खेत और निचले इलाके जलमग्न हो गए थे.
कई गांवों में फैला था बाढ़ का पानी
नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण सेमरा पंचायत के कपरसंडी, भीष्वा, मोखलिसपुर, पचरूखा, ब्रह्मपुरी, अजगरी, सिसवानिया, जटवा, गोबरी, जनेरवा, मोहम्मदपुर और सिसवा समेत कई गांव प्रभावित हुए.
बाढ़ का पानी खेतों और निचले इलाकों में फैलने से किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई और ग्रामीणों का जनजीवन भी बाधित रहा.
प्रशासन रख रहा लगातार नजर
बंजरिया के अंचलाधिकारी (सीओ) कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं.
जलस्तर घटने से बढ़ी उम्मीद
नदियों का जलस्तर कम होने से प्रभावित गांवों में राहत की उम्मीद जगी है. हालांकि प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील कर रहा है.
प्रशासन का कहना है कि जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
