Motihari News: बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा शाहबाज टोला निवासी शिक्षक शमशाद आलम की हत्या के विरोध में शनिवार की शाम स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला. बड़ी संख्या में लोग मार्च में शामिल हुए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ उन्हें कड़ी सजा दिलाने की मांग की. इस दौरान ग्रामीणों ने इलाके में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर भी आक्रोश जताया.
Banjaria News: शमशाद आलम के हत्यारों की गिरफ्तारी की उठी मांग
कैंडल मार्च की शुरुआत दिवंगत शिक्षक शमशाद आलम के आवास से हुई. मार्च सिसवा शेख टोली, सिसवा चौक और कचहरिया टोला होते हुए पंचायत सरकार भवन के पास पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ.
मार्च में शामिल लोगों के हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां थीं. इस दौरान लोग शमशाद आलम के हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे थे.
नारों से गूंजता रहा सिसवा शाहबाज टोला
कैंडल मार्च के दौरान पूरा इलाका विरोध के नारों से गूंज उठा. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने "शमशाद आलम के हत्यारों को फांसी दो" और "गुंडागर्दी नहीं चलेगी, तानाशाही नहीं चलेगी" जैसे नारे लगाए.
ग्रामीणों और युवाओं ने कहा कि शिक्षक शमशाद आलम की हत्या की घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया है. लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की.
पंचायत सरकार भवन के पास रखा दो मिनट का मौन
कैंडल मार्च पंचायत सरकार भवन के पास पहुंचकर समाप्त हुआ. यहां सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत शिक्षक शमशाद आलम की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक की इस तरह हत्या होना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. ग्रामीणों ने इलाके में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी गहरा रोष जताया और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए.
गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कैंडल मार्च में शामिल वक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द ही सभी नामजद और संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की. इधर, सुरक्षा की दृष्टि से कैंडल मार्च के दौरान बंजरिया थाना के पुलिस पदाधिकारी और जवानों के साथ 112 की टीम भी मौके पर मुस्तैद रही.
