Nepal Flood: नेपाल के नुवाकोट जिला मुख्यालय विदुर स्थित त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय में बुधवार सुबह त्रिशूली नदी की भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी. बाढ़ के पानी से विद्यालय परिसर पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर खंडहर में तब्दील हो गया. स्कूल में कक्षा 12 तक करीब 1,650 विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन फिलहाल केवल 100 विद्यार्थियों से ही संपर्क हो पाया है. बाकी विद्यार्थियों की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है.
प्रार्थना के समय मिली बाढ़ की सूचना
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेन्द्र दवाड़ी के अनुसार बुधवार सुबह प्रार्थना के समय त्रिशूली नदी में बाढ़ की सूचना मिली. इसके बाद उन्होंने विद्यालय परिसर में मौजूद विद्यार्थियों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया.
प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह और एक कर्मचारी सबसे अंत में विद्यालय परिसर से बाहर निकले, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित निकालने में मदद की जा सके.
1,650 विद्यार्थियों में सिर्फ 100 से संपर्क
प्रधानाध्यापक के अनुसार विद्यालय में करीब 1,650 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन अभी तक लगभग 100 विद्यार्थियों से ही संपर्क हो पाया है. इन विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
बाकी विद्यार्थियों की स्थिति के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है.
कितने विद्यार्थी स्कूल आए थे, स्थिति स्पष्ट नहीं
प्रधानाध्यापक ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बुधवार को कितने विद्यार्थी विद्यालय पहुंचे थे और कितने अपने-अपने घरों में थे. सुरक्षा एजेंसियों की ओर से भी बाकी विद्यार्थियों की स्थिति को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है.
इस कारण अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है और विद्यार्थियों की तलाश एवं संपर्क का प्रयास जारी है.
नुवाकोट और रसुवा में बाढ़ से भारी तबाही
बुधवार सुबह त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ से नुवाकोट के साथ-साथ रसुवा जिले के तटीय इलाकों में भी भारी नुकसान की सूचना है. बाढ़ का पानी त्रिशूली बाजार के कई हिस्सों में पहुंच गया है.
नदी के बढ़े जलस्तर से आसपास के क्षेत्रों में अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं.
विद्यालय परिसर को भारी नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव ने त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय के परिसर और भवन को भारी नुकसान पहुंचाया है. विद्यालय के खंडहर में तब्दील होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की आशंका है.
फिलहाल प्राथमिकता विद्यार्थियों की सुरक्षा और संपर्क से बाहर छात्रों की स्थिति का पता लगाने पर है.
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