विराट रामायण मंदिर विराजमान हुआ विश्व का का सबसे बड़ा शिवलिंग

कैथवलिया के विराट रामायण मंदिर में शनिवार को 11.10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार व हवन के बीच सहस्त्र लिंगम की स्थापना हुई.

-सीएम नीतीश कुमार के साथ दोनों डिप्टी सीएम ने किया मंदिर स्थल का दौरा -वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा -फूलों की पंखुड़ियां शरीर पर गिरने से भावविभोर हुए लोग मोतिहारी. कैथवलिया के विराट रामायण मंदिर में शनिवार को 11.10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार व हवन के बीच सहस्त्र लिंगम की स्थापना हुई. दिन में करीब तीन बजे हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी. इस दौरान फूलों की पंखुड़ियां शरीर पर गिरने से लोग निहाल हो गये. सुबह 08 बजे से 10 बजे तक कुंभ लग्न में पूजा शुरू हुई. यजमान के रूप में स्व. आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल व उनकी पत्नी सह सांसद शांभवी कुणाल शामिल हुईं. बनारस से आये पंडितों ने मंत्रोच्चार किया. विश्व के सबसे बड़े सहस्त्र लिंगम स्थापना के साथ ऊॅ नम: पार्वती पतये नम:, हर-हर महादेव के गूंज से पूजा रामायण मंदिर परिसर व आसपास का इलाका गुंजायमान हो गया था. शिवलिंग स्थापना के बाद भी महिलाओं की कतार नहीं टूट रही थी. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, विधायक शालिनी मिश्रा, विधायक सचिंद्र सिंह अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर पहुंचे, जहां पूजा के बाद प्रदेश व क्षेत्र के विकास की कामना की. एक ही चट्टान से बना है शिव लिंग पटना हनुमान मंदिर के सचिव सायन कृणाल ने बताया कि यह शिवलिंग एक ही चट्टान से बना है, इसलिए इसे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है. उन्होंने कहा कि इस शिवलिंग में 1008 छोटे शिवलिंग समाहित हैं. इसकी पूजा करने से भक्तों को 1008 शिवलिंगों की पूजा करने के बराबर आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त होता है. उन्होंने बताया कि छह शिखरों वाले रामायण मंदिर में 22 देवालय बनेंगे. सहस्त्रलिंग में 1008 लिंग है. इस पर अब तक करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. शिवलिंग के पास एक वर्ष के अंदर नंदी की स्थापना होगी और मंदिर का निर्माण कार्य 2030 तक पूरा कर लिया जायेगा. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुबह से ही वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गयी थी. बावजूद इसके आस्था पर लोगों का विश्वास भारी पड़ा और लोग पैदल ही आठ किमी बैरिकेडिंग एरिया से चलकर मंदिर पहुंचे. विश्व का सबसे बड़ा है शिवलिंग विश्व की सबसे बड़ा बनने वाला विराट रामायण मंदिर 270 फुट ऊंचा व 540 फुट चौड़ा होगा. इसमें 33 फुट ऊंचा व 33 फुट गोलाई का शिवलिंग स्थापित हुआ है. शिवलिंग का वजन करीब 210 एमटी है. ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लाया गया है. इसे विशेष रूप से तैयार किये गये 96 पहियों वाले ट्रेलर पर लादकर कल्याणपुर लाया गया. इसे मोतिहारी पहुंचने में 45 दिन लगे. मंदिर पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. मंदिर के अंदर विवाह घर के अलावा धर्मशाला भी बनेगा, ताकि शुभ कार्य करने वाले अतिथि ठहर सकें.

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By DIGVIJAY SINGH

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